
करोड़ों का घोटाला करने वाली एडवाइजरी कंपनियों को सेबी ने दिया मौका
इंदौर. पांच साल में एडवाइजरी कंपनी द्वारा गैंग की तरह काम कर करीब एक हजार करोड़ का घोटाला करने के मामले में सेबी की नजर बेचने वाले के साथ ही खरीदार पर भी है। कई मामलों में गैंग में शामिल लोगों ने घाटा बताकर भी टैक्स बचाया है। हालांकि इस तरह का घोटाला करने वालों को पेनल्टी से बचने के लिए सेबी कंपाउंडिंग स्कीम भी लाई है। टैक्स गड़बड़ी के आधार पर टैक्स जमा कर पेनल्टी से बचा जा सकता है।
सेबी एडवाइजरी कंपनियों को लगातार नोटिस देकर सुनवाई के लिए बुला रहा है। आर्टिफिश्यिल इंटेलीजेंस के जरिए हाल ही में शेयर बाजार में खरीदी का खेल कर टैक्स की गड़बड़ी करने का मामला सामने आया है। कई कंपनियां ने एक सैकेंड के अंदर खरीदी बिक्री की गई है जिसे टैक्स की गड़बड़ी से जोड़ा जा रहा है।
कंपाउंडिंग स्कीम, टैक्स चोरी से बचने का एक मौका
सेबी ने इस तरह की गड़बड़ी करने वालों के लिए विशेष योजना लागू की है, उन्हें अपनी राशि बचाने का मौका दिया है। डिस्पियूट कंपाउंडिंग स्कीम के तहत ऐसे लोगों को मौका दिया गया है कि वे अपनी गड़बड़ी को घोषित स्कीम टैक्स जमा कर कारोबार को वैध कर लें। स्कीम का लाभ नहीं लेने वाले पर कई गुना पेनल्टी लगाई जाएगी।
शेयर खरीदी के ट्रांजेक्शन के आधार पर जो गड़बड़ी सामने आई है उसमें 15 से 20 प्रतिशत टैक्स वसूला जाएगा। स्कीम का लाभ नहीं लिया तो आगे की जांच के आधार पर पेनल्टी वसूली जाएगी तो कई गुना होगी।
फर्जी कंपनियों का भी उपयोग
सेबी ने जांच की तो पता चला कि शेयर बाजार में खरीदी के लिए फर्जी कंपनियों का भी उपयोग हुआ है। खरीदार-बेचवाल एडवाइजरी कंपनी के जरिए काम करते थे, शेयर बाजार में एक पक्ष को घाटा हुआ तो दूसरे को फायदा हुआ। घाटे पर भी टैक्स बचाया और फायदे पर शार्ट टर्म केपिटल गेन बताकर 10 प्रतिशत टैक्स अदा कर 20 प्रतिशत बचा लिया।
अवैध लाभ भी आता है सामने
कंपनियां शेयर बाजार में लाखों निवेश कराती है जिसमें कई लोगों को वैैध लाभ होता है, कई लोग अवैध लाभ भी कमाते है। ब्लैक मनी का ट्रांंजेक्शन होता है। सेबी इन्हीं को लेकर कार्रवाई कर रही है।
कीर्ति जोशी, सीए।
Published on:
16 Oct 2022 08:35 pm

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