
इंदौर. शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए शहर के करीब 29 अस्पतालों में उपचार की सुविधा मौजूद हैं। कई लोग ऐसे हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए बेड उपलब्ध नहीं पर कई अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे थे। इस समस्या को देखते हुए शासन द्वारा मोबाईल एप्लीकेशन के माध्यम से अस्पतालों में उपलब्ध बेड की जानकारी सार्वजनिक करना शुरू कर दी है। मप्र शासन के सार्थक लाइट एप पर अब यह जानकारी दी जा रही है।
इंदौर में रोजाना बड़ी संख्या में पॉजिटिव मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसे में अस्पतालों में सीमित बिस्तर क्षमता होने की वजह से कई बार मरीजों की अस्पताल ढूंढने के दौरान ही हालत गंभीर हो रही है। लगभग सभी अस्पतालों द्वारा पूरी क्षमता से कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार किया जा रहा है। सभी अस्पतालों में बिस्तर खाली नहीं होने की वजह से परेशान भी होना पड़ रहा है। इसे देखते हुए अब सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे सार्थक लाइट एप में कोविड अस्पतालों में खाली बिस्तर की जानकारी दी जा रही है।
एप का लाइट वर्जन
इस एप्प पर आम लोगों को जानकारी दिए जाने के लिए लाइट वर्जन तैयार हो चुका है। अस्तपालों की जानकारी के लिए यूजर को अपना मोबाईल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद मोबाईल पर एक ओटीपी नंबर आएगा जिसके एप पर दर्ज करते ही कोरोना मरीजों के लिए अस्पताल में सामान्य ऑक्सीजन बेड और आईसीयू बेड की उपलब्धता और उनकी संख्या के बारे में आम लोगों को आसानी से पता चल सकेगा। साथ ही अस्पताल के बेड इंचार्ज का नंबर भी दिया गया है ताकि फोन कर भी जानकारी ली जा सके। इसका संचालन बनाए जा रहे कोविड कमांड सेंटर से किया जा रहा है।
रोजाना दो बार अपडेट हो रहा एप
यह ऐप रोजाना दो बार सुबह 10 बजे और शाम 6 बजे अपडेट किया जा रहा है। इससे लोगों को जिले के अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए बेड्स की उपलब्धता की सही जानकारी दी जा रही है। साथ ही यदि एप्प में अस्पताल में बेड को उपलब्ध बताया जाता है और अस्पताल का स्टॉफ मरीज को भर्ती करने से मना कर देता है तो इसकी शिकायत हेल्पलाइन नंबर १०७५ पर भी की जा सकेगी। शिकायत मिलने पर कोरोना कंट्रोल टीम इस संबंध में हॉस्पिटल प्रबंधन से बात कर मरीज की मदद करेंगे।
कोविड नोडल अधिकारी डॉ. अमित मालाकार ने बताया कि सार्थक लाइट एप पर अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तरों की सूची को अपडेट की जा चुकी है। किसी भी स्मार्टफोन पर सार्थक लाइट एप डाउनलोड कर इसका उपयोग किया जा सकता है।
Published on:
05 Oct 2020 11:26 am
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