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सेक्सटॉर्शन गैंग के बदमाश ने पुलिस कमिश्नर बन किया था बैंक मैनेजर को परेशान

वीडियाे कॉल के जरिए बनाया आपत्तिजनक वीडियो, बाद में साइबर क्राइम चीफ, सीबीआइ अधिकारी बनकर भी किया ब्लैकमेल, रिश्तेदार भी शामिल है गिरोह में

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सेक्सटॉर्शन गैंग के बदमाश ने पुलिस कमिश्नर बन किया था बैंक मैनेजर को परेशान

सेक्सटॉर्शन गैंग के बदमाश ने पुलिस कमिश्नर बन किया था बैंक मैनेजर को परेशान

इंदौर. पुलिस कमिश्नर हरिनारायाणाची मिश्र के फोटो लगी डीपी से वाट्सऐप मैसेज व कॉल कर परेशान करने वालों को पुलिस टीम काफी मशक्कत के बाद भरतपुर, राजस्थान से पकड़कर लाई। आरोपी सेक्सटॉर्शन गैंग का सदस्य है। बैंक मैनेजर को महिला की फर्जी प्रोफाइल से वीडियो कॉल कर आपत्तिजनक वीडियो बनाने के बाद ब्लैकमेल करने के लिए कमिश्नर के नाम व फोटो का इस्तेमाल किया था। क्राइम ब्रांच ने मामले में वसूली का केस दर्ज किया था।

छानबीन में पता चला कि 6 फरवरी को एक बैंक मैनेजर को महिला की आइटी से वाट्सऐप पर वीडियो कॉल किया गया। बाद में विश्वास में लेकर फरियादी का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाने लगा। उनसे वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर 21 हजार रुपए की मांग की। बाद में फरियादी को कॉल कर आरोपी ने स्वयं को साइबर क्राइम चीफ बताते हुए धमकी दी कि यूट्यूब से अपना वीडियो डिलीट कर दो नहीं तो अरेस्ट वारंट निकाल दूंगा।वीडियो डिलीट के नाम पर 31,800 मांगे

बाद में सीबीआइ लिखा आइडी कार्ड एवं यूट्यूब से वीडियो डिलीट करने वाले फर्जी व्यक्ति का नंबर भेजा। फरियादी ने विश्वास करके यूट्यूब वीडियो डिलीट के संबंध में बात की तो आरोपी ने वापस 31,800 रुपए की मांग की गई। इसके बाद अलग-अलग नंबर से कॉल किए गए। कमिश्रनर मिश्र का फोटो व नाम वाली वाट्सऐप डीपी के जरिए भी पैसों की मांग कर परेशान किया। मैनेजर ने कमिश्नर को घटना बताई। एक इंस्टाग्राम आइडी भी बनी थी जिसे पुलिस ने ब्लॉक कराकर छानबीन शुरू की।राजस्थान जाकर की घेराबंदी

डीसीपी क्राइम निमिष अग्रवाल व एडीसीपी गुरुप्रसाद पाराशर की टीम ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि मोबाइल नंबर भरतपुर, राजस्थान का है। अन्य जानकारी इकट्ठा करने के बाद टीम को भरतपुर भेजा गया। घेराबंदी व लोगों के विरोध के बाद भी आरोपी अरबाज जान (22) निवासी तहसील डिग जिला भरतपुर, राजस्थान को पकड़ा। डीसीपी के मुताबिक, आरोपी सेक्सटॉर्शन गैंग से जुड़ा है। फर्जी सिमकार्ड से आकर्षक महिला का फोटो लगाकर फर्जी प्रोफाइल बनाई जाती है। बाद में लोगों से दोस्ती कर झूठे विश्वास में लेते हैं। वॉट्सऐप आदि प्लेटफाॅर्म के माध्यम से वीडियो कॉल पर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया जाता है। आरोपी हरकत के पीछे उसके चाचा की भूमिका बता रहा है। आरोपी के परिवार के सदस्य व गांंव के कई युवक इसी तरह के काम कर रहे हैं।सोशल मीडिया पर दोस्त बनाते समय रखें सावधानी

- सोशल मीडिया अकाउंट पर किसी भी अनजान आकर्षक महिला/पुरुष की प्रोफाइल से प्रभावित न होवे। इस तरह के लोगों को दोस्त न बनाएं और पूरी सावधानी रखें।

- अनजान व्यक्ति के द्वारा आपको वीडियो कॉल पर बात करने का बोलने पर उसकी विश्वसनीयता की पूरी जानकारी लिए बगैर वीडियो कॉल पर बात न करें ।

- अनजान व्यक्ति के द्वारा वीडियो कॉल करने पर अपने फ्रंट कैमरे को छिपाकर ही कॉल अटेंड करें ताकि आपका वीडियो न बने।

- किसी भी तरह का साइबर फ्रॉड हो जाए तो पुलिस द्वारा संचालित सायबर हेल्पलाइन नंबर 7049124445 पर संपर्क करें।