
shanti express
संजय रजक@ इंदौर. इंदौर रेलवे स्टेशन से रवाना होने वाली 50 से ज्यादा ट्रेनों में से एक ट्रेन खास है, क्योंकि यह ट्रेन यात्रियों को गंतव्य स्थल तक तो पहुंचा ही रही है, साथ ही इसमें सफर करने वाले कई यात्रियों के लिए जीवनदायिनी भी है। इस ट्रेन को कैंसर एक्सप्रेस कहा जाने लगा है। शांति एक्सप्रेस एक मात्र ऐसी ट्रेन है, जिसमें सबसे ज्यादा वीआईपी कोटा मरीजों को दिया जाता है।
स्टेशन से हर रात 10.45 बजे इंदौर से गांधी नगर (गुजरात) के लिए शांति एक्सप्रेस रवाना होती है। इस ट्रेन में सबसे ज्यादा कैंसर के मरीजों की संख्या होती है। हर दिन वीआईपी कोटे में सीट कन्फर्म कराने के लिए दर्जनभर आवेदन आ रहे हैं। एक अफसर ने बताया कि एक मात्र यही ट्रेन है, जिसमें सबसे ज्यादा वीआईपी कोटे के लिए मरीजों के आवेदन आते हैं।
कैंसर एक्सप्रेस यानी शांति एक्सप्रेस इंदौर से रात 10.45 बजे रवाना होती है और सुबह 8.35 बजे अहमदाबाद पहुंच जाती है। दिनभर में मरीज यहां इलाज करा कर इसी ट्रेन से शाम 7.20 बजे इंदौर के लिए रवाना होकर अगली सुबह 6.30 बजे इंदौर पहुंच जाते हैं। जनरल कोच के लिए ट्रेन में हर दिन ५ से १० टिकट होते ही हैं। इसके लिए रिजर्वेशन के लिए हर दिन दर्जनों आवेदन आते हैं। लेकिन रेलवे की नीति के अनुसार शांति एक्सप्रेस में चार बर्थ स्लीपर कोच में और २ बर्थ थर्ड एसी कोच में ७५ फीसदी रियायत के साथ दिए जाते हैं। बाकी यात्री सामान्य टिकट लेकर ही यात्रा करते हैं।
अहमदाबाद में इलाज
दरअसल, अहमदाबाद में सिविल कैंसर अस्पताल गुजरात कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट है। यहां मप्र से सबसे ज्यादा मरीज इलाज के लिए जाते हैं। शांति एक्सप्रेस के सामान्य से लेकर स्लीपर, थर्ड ऐसी कोच में 30 फीसदी यात्री कैंसर के इलाज के लिए जाते हैं।
जीवनरेखा से कम नहीं
शांति एक्सप्रेस में बड़ी संख्या में कैंसर के मरीज इलाज के लिए अहमदाबाद जाते हैं। यह ट्रेन इनके लिए किसी जीवन रेखा से कम नहीं है।
जितेंद्र कुमार जयंत, पीआरओ, रतलाम मंडल
Published on:
26 Dec 2017 02:44 pm
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
