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रोशनी अग्रवाल हत्याकांड में सहयोगी रहे लोगों पर भी पुलिस का शिकंजा कसेगा

- वैश्य समाज के प्रतिनिधि मंडल ने डीआईजी को सौंपा ज्ञापन  

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रोशनी अग्रवाल हत्याकांड में सहयोगी रहे लोगों पर भी पुलिस का शिकंजा कसेगा


इंदौर. वैश्य समाज के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मंडल ने शनिवार को रोशनी अग्रवाल हत्याकांड की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच की मांग को लेकर डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र से भेंट की और हत्याकांड के सभी दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर न्यायालय से सजा दिलाने की मांग की। डीआईजी ने आश्वस्त किया कि इस मामले की जांच पुलिस के सनसनी प्रकोष्ठ के तहत की जा रही है, जिसमें मामले की तुरंत जांच कर न्यायालय में जल्द से जल्द चालान प्रस्तुत करने की कार्रवाई होगी। कोई भी दोषी इस मामले में बख्शा नहीं जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में अग्रवाल समाज के अध्यक्ष अरविंद बागड़ी, धीरज खंडेलवाल, शैलेष गर्ग, अर्चना जायसवाल, विकास डागा के अलावा मृतक रोशनी के पिता ओमप्रकाश अग्रवाल, माता एवं अन्य रिश्तेदार भी शामिल थे। प्रतिनिधि मंडल ने पूरे मामले का ब्यौरा देते हुए आरोप लगाया कि आरोपी रौनक पिता विजय दुबे को सांठगांठ कर फरार करने में उसके परिवारजनों का भी सहयोग रहा है। इसी तरह जिस कार्यालय में हत्या हुई, उस कंपनी के डायरेक्टर संदीप नीमा एवं मेहुल मोदी ने भी पुलिस को घटना की जानकारी नहीं देकर आरोपी की मदद की है। यही नहीं, आरोपी रौनक दुबे जब हत्या के बाद दफ्तर से नीचे कूदा तो उसके मामा का लडक़ा चिंटू अपनी सेंट्रो कार एमपी09 सीए 2280 में बिठाकर उसे बडऩगर ले गया और वहां आरोपी ने अपने पिता एवं मामा के सहयोग से फरारी काटी, लेकिन पुलिस ने अब तक इस हत्याकांड में शामिल सहयोगी लोगों को आरोपी नहीं बनाया है।