
एक्टर मनोज जोशी से चर्चा : रंगमंच मेरी मां है, मुझे पसंद है उसकी गोद में रहना
इंदौर. एक एक्टर के लिए धारावाहिक, फिल्म और रंगमंच तीनों माध्यम ही बेहतर होते हैं। सबके अपने चैलेंज हैं, लेकिन मुझे जो प्यारा है वह रंगमंच मेरी मां है। मुझे पसंद है उसकी गोद में रहना। हॉलीवुड में टॉम क्रूज हो या फिर कोई अन्य ग्रेट एक्टर, कभी न कभी एक साल रंगमंच को देते हैं। हमारे यहां ये परंपरा नहीं है। हालांकि हमारे देश के सभी अच्छे एक्टर थिएटर से ही आए हैं। वे इसलिए अन्य से बेहतर हैं क्योंकि हर रोल व चैलेंज स्वीकार कर लेते हैं। एक एक्टर के लिए रंगमंच बहुत आवश्यक है।
यह बात वर्सेटाइल एक्टर पद्मश्री मनोज जोशी ने कही। वे शहर में अपने नए कॉमेडी धारावाहिक मंगलम दंगलम के प्रमोशन के लिए पहुंचे थे। उनके साथ में एक्टर करनवीर शर्मा व मनीषा रावत भी थीं। चाणक्य के किरादर से प्रसिद्ध हुए जोशी ने रंगमंच की भूमिका पर कहा, इंसान को परिपक्व होने के लिए जैसे शिक्षा की जरूरत होती है, वैसे ही एक्टर को पारंगत होने में, खुद को निखारने में रंगमंच का बहुत बड़ा योगदान है। उसकी सोच, कल्पना, अनुशासन व किरदार को समझने की प्रक्रिया को सिखाता है रंगमंच। यहां से निकले एक्टर किसी भी पात्र का चैलेंज लेते समय बिल्कुल टस से मस नहीं होते।
सरदार पर ला रहा हूं 3डी नाटक
मेरा ड्रीम रोल सरदार वल्लभ भाई पटेल है, जिसे जल्द पूरा करूंगा। एकल नाटक है जो ३डी में आएगा। किस प्रकार सरदार पटेल ने देश को एक किया वह कहानी आज तक लोगों को नहीं पता है। महज कुछ ही बातें पता है। उनकी असली पहचान लोगों तक नहीं पहुंची है। महान कार्य देश के हर नागरिक तक पहुंचना चाहिए। फरवरी-मार्च से इसे लॉन्च किया जाएगा। देशभर में प्ले होंगे।
कौटिल्य अर्थशास्त्र आज भी प्रासंगिक
चाणक्य पर अब तक 1158 नाटक कर चुके जोशी ने कहा, चाणक्य की नीतियां, कौटिल्य अर्थशास्त्र आज भी प्रासंगिक है। व्यवस्था, राजनीति, भ्रष्टाचार सबके बारे में विस्तार से वर्णन है। चंद्रगुप्त के लिए जो व्यवस्था तैयार की, फिर अशोक आए। इन्हीं नीतियों के कारण सिकंदर के 950 साल बाद तक कोई विदेश आक्रमणकारी हमारे देश में नहीं आया।
दामाद-ससुर की टक्कर देखने को मिलेगी
धारावाहिक में फैमिली वैल्यूज, सभी प्रकार के ह्यूमर, डिफरेंट म्यूजिक, इमोशन को कॉमेडी के तडक़े के साथ प्रस्तुत किया गया है। इसमें दामाद-ससुर की टक्कर देखने को मिलेगी। एक्टर करणवीर शर्मा ने मनोज जोशी के साथ बॉन्डिंग पर कहा, वे दोस्त, पिता व भाई के समान हैं। मनीषा रावत ने कहा, एक्टिंग की बारीकियां सीखने को मिल रही हैं।
इंदौर की पृष्ठभूमि चुनने से पहले किया रिसर्च
फिल्म में मनोज जोशी का किरदार इंदौर के एक कपड़ा व्यापारी का है। उन्होंने कहा, फिल्म से पहले डायरेक्टर ने रिसर्च किया है। धारावाहिक में वे अपनी बेटी को बचपन में सराफा में जलेबी खिलाने ले जाते हैं। साथ ही शहर की गलियों, मोहल्लों व खाने के प्रति प्रेम भी दिखाया गया है। हालांकि कोई शॉट इंदौर में नहीं फिल्माया गया है। मुंबई में ही सेट तैयार किए गए हैं।
Published on:
16 Nov 2018 11:59 am
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