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जीतू के बेटे अमित को एसएसपी की लताड़ : तुम्हें शर्म नहीं आती, माता की तस्वीरों के सामने ही युवतियों से नुमाइश कराई

एसएसपी ने अमित सोनी से कहा :- -जिस हालत में महिलाओं को रखा, वैसे तो कोई जानवरों को भी नहीं रखता है। -माता के भक्त घुमत हो और कन्याओं की इज्जत ही नहीं की।

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इंदौर

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Reena Sharma

Dec 05, 2019

जीतू के बेटे अमित को एसएसपी की लताड़ : तुम्हें शर्म नहीं आती, माता की तस्वीरों के सामने ही युवतियों से नुमाइश कराई

जीतू के बेटे अमित को एसएसपी की लताड़ : तुम्हें शर्म नहीं आती, माता की तस्वीरों के सामने ही युवतियों से नुमाइश कराई

इंंदौर. वांटेड जीतू सोनी के होटल माय होम से 67 लड़कियों को रेस्क्यू कर पुलिस ने उन्हें जीवन ज्योति आश्रम में सुरक्षित रखा है। यहां लगातार महिलाओं की काउंसलिंग की जा रही है। महिलाओं ने बताया कि उनसे वेश्यावृत्ति कराई जाती थी और उन्हें छोटे-छोटे कमरों में एक साथ रखा जाता था। कुछ के बच्चे भी इनके साथ रहते थे। एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र लगातार इन महिलाओं से पूछताछ कर रही है। महिलाओं की आपबीती सुनकर एसएसपी मिश्र ने उन्हें कहा कि अब वे चिंता न करें, क्योंकि अय्याशी के अड्डों को अब हम बंद कर देंगे और आरोपियों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।

होटल माय होम में युवतियों की दुर्दशा देखने के बाद बुधवार को एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र पलासिया थाने पहुंचीं और जीतू सोनी के बेटे अमित सोनी को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने अमित को कहा, माता के भक्त बनकर घूमते हो, पर न तो तुमने माता स्वरूप कन्याओं को समझा, न ही उनकी इज्जत की। होटल में माता की तस्वीरों का तिरस्कार कर रहे थे। उनकी तस्वीरों के सामने युवतियों की नुमाइश करवाते थे। मिश्र ने मुक्त कराई गईं 67 युवतियों को दिलासा दिया कि वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्हें पुलिस उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाएगी।

एसएसपी ने थाने में अमित को लगाई फटकार
बुधवार को एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र पलासिया थाने पहुंचीं और अमित सोनी व मैनेजर जे वरप्रसाद राव से पूछताछ की। मिश्र ने कहा, लड़कियों का शोषण किया जाता रहा, आप लोगों को शर्म आना चाहिए। गरीब लड़कियों को इस तरह से रखकर प्रताडि़त किया। जैसी जगह पर उन्हें रखा, वैसे कोई अपने पालतू जानवरों को भी नहीं रखता होगा। अमित ने माय होम में कोई भूमिका होने से इंकार किया तो एसएसपी ने फटकारते हुए कहा, उस दिन कार्रवाई के समय तुम ही सबसे आगे थे। एसएसपी के रुख को देखते हुए अमित चुप्पी साधे रहा।

कथित पतियों से कोर्ट ने पूछा-तुम्हें क्या माय होम में सुईट दे रखा है?
होटल माय होम से मुक्त कराई गईं युवतियों के पतियों गौतमदास, रतन सरकार, सुधाकर वाला, समरेश मंडल आदि ने हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। इस पर बुधवार को चीफ जस्टिस अजयकुमार मित्तल और जस्टिस सतीशचंद्र शर्मा की डिविजन बेंच में सुनवाई हुई। कोर्ट ने उनसे पूछा कि आपके पास क्या सबूत हैं कि आपने उनसे शादी की? वे बोले हमारे पास प्रमाण हैं, लेकिन अभी साथ नहीं लाए हैं। फिर कोर्ट ने पूछा, आपका घर कहां है? गौतम ने कहा कि हम माय होम में ही रहते हैं। कोर्ट ने टिप्पणी की- आपको होटल में सुईट दे रखा है क्या? एसएसपी ने बताया कि युवतियों को दड़बे में रखा गया था।