13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खुश रहना है और परिवार को बचाना है तो बातों को पकड़ने के बजाय छोड़ना सीखें

खुश रहना है और परिवार को बचाना है तो बातों को पकड़ने के बजाय छोड़ना सीखें

2 min read
Google source verification
stress management tips

खुश रहना है और परिवार को बचाना है तो बातों को पकड़ने के बजाय छोड़ना सीखें

इंदौर. जीवन में तनाव बढऩा एक बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। अब किशोर, युवा भी इससे ग्रस्त हैं। तनाव बढऩा या स्ट्रेस मैनेज न कर पाने से व्यक्ति गलत कमद भी उठा लेता है। इसलिए लाइफ में स्ट्रेस मैनेजमेंट जरूरी हो गया है। तनाव को कम करने पत्रिका ने शहर के तीन विशिष्ट व्यक्तियों से इस विषय पर चर्चा की।

स्ट्रेस मैनेज करने के बजाय हों डीस्ट्रेस
मैं मानता हूं कि स्टे्रस मैनेज करने के बजाय हमें डीस्ट्रेस होने पर ध्यान देना होगा। जिंदगी में को-ऑपरेशन के बजाय कॉम्पीट करना तनाव का कारण है। परिवार में भी कॉम्पीटिशन होने लगा है। संवाद बंद हो गए हैं। किसी से नाराज हो गए तो बात बंद कर दी।

इससे मनमुटाव, गलतफहमियां बढ़ती हैं जो तनाव का कारक बनती हैं। इसलिए किसी से नाराज हों तो भी बात बंद मत करो। हम अपने मन की बात कहने के बजाय क्लोज्ड माइंड होते जा रहे हैं। किसी ने कुछ कह दिया तो उसी बात को पकड़कर बैठ जाते हैं। अगर एेसी चीजों को छोडऩा सीख लेंगे तो डीस्ट्रेस हो जाएंगे। बिना रुचि का काम भी तनाव देता है।
- डॉ. गुरमीत नारंग, अध्यक्ष, तवलीन फाउंडेशन

पहले डिजर्व कीजिए, फिर डिजायर
दुनिया के तमाम धर्म एक बात तो कहते हैं कि हमारी सामथ्र्य, क्षमता और कार्यों से समानुपातिक रूप से अधिक अनुचित अपेक्षाएं तनाव पैदा करती हैं। हमारे अंदर जितनी क्षमता, योग्यता और परिश्रम का जज्बा है उसी अनुपात में अपेक्षाएं, आकांक्षाएं होना चाहिए।

यानी पहले डिजर्व कीजिए, बाद में डिजायर करें। पहले पात्रता प्राप्त करें, फिर अपेक्षा करें। जब हम कोई काम करते हैं तो थकान होती है। थकान का संबंध शरीर से है, पर तनाव का संबंध मन से है। तनाव का एक कारण अपनी रुचि के विरुद्ध काम करना है। कभी हमसे वह काम जबरदस्ती करवाया जाता है और कभी व्यक्ति लोभवश भी करता है।
- डॉ. पीएन मिश्रा, एचओडी, स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, डीएवीवी

तनाव की सर्वोत्तम औषधि है ध्यान
योग विज्ञान में तनाव, चिंता, क्रोध, अवसाद को बीमारी माना गया है। पतंजलि सूत्र में इनसे बचने के उपाय भी दिए गए हैं। हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी में इन सभी तत्वों पर रिसर्च की गई है। इसके अनुसार तनाव की सर्वोत्तम औषधि ध्यान है, यानी मेडिटेशन इज बेस्ट मेडिकेशन। तनाव का कारण विषय वासना होती है। वस्तु, पद, धन आदि के प्रति लालसा तनाव का कारण है।

तनाव की अभिव्यक्ति तीन तरह से हो सकती है क्रोध, डिप्रेशन और ईष्र्या-द्वेष। दरअसल, व्यक्ति नहीं जानता कि वह अपने आप में एनर्जी है। तनाव अदृश्य बीमारी है और इसका इलाज भी अदृश्य (ध्यान) है। ये दिखता नहीं है लेकिन महसूस जरूर होता है। ध्यान अनुभूत करने की क्रिया है, इसलिए इसे किसी योग्य गुरु के निर्देशन में सीखना चाहिए। तनाव से मुक्ति का यह सबसे आसान और सटीक तरीका होता है, जिससे अपनाने से काफी फायदें होते हैं।
- डॉ. ओमानंद, निदेशक, परमानंद इंस्टिट्यूट ऑफ योग साइंस एंड रिसर्च