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छात्र की जाति निकली फर्जी, विदेश में पढ़ रहे छात्र से सरकार करेगी वसूली

इंदौर के स्कीम-78 का मामला : पिछड़ा वर्ग के छात्र को छात्रवृत्ति से सरकार ने भेजा था ऑस्ट्रेलिया

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छात्र की जाति निकली फर्जी, विदेश में पढ़ रहे छात्र से सरकार करेगी वसूली

छात्र की जाति निकली फर्जी, विदेश में पढ़ रहे छात्र से सरकार करेगी वसूली

मोहित पांचाल
इंदौर। अजा, अजजा और पिछड़ा वर्ग के गरीब होनहार बच्चों को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए सरकार छात्रवृत्ति देती है। इंदौर से पिछड़ा वर्ग के एक छात्र का ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट कोर्स के लिए चयन हुआ। छात्रवृत्ति की पहली किस्त भी जारी हो गई, लेकिन जांच के बाद जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। विभाग ने छात्रवृत्ति निरस्त करने के साथ दी गई राशि की वसूली भी निकाल दी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के गरीब, पिछड़ा और अजा-अजजा वर्ग के अच्छे पढऩे वाले बच्चों के लिए योजना शुरू की है। उसके जरिए सैकड़ों बच्चों को अब तक विदेश पढ़ाई के लिए भेजा जा चुका है। योजना प्रतिभाशाली बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कुछ लोग उसका नाजायज फायदा उठाने में भी नहीं चूकते हैं। ऐसा एक मामला इंदौर में सामने आया है।
स्कीम-78 की स्लाइस-3 में रहने वाले नयन पिता ओमप्रकाश शर्मा का चयन शैक्षणिक वर्ष 2021-22 में मुख्यमंत्री की विदेश में पढ़ाई कराए जाने वाली योजना में हुआ। नयन को ऑस्ट्रेलिया की आरएमआइटी यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट के एक मास्टर कोर्स करने के लिए भेजा गया। पहली किस्त 19.02 लाख रुपए की जारी की गई। इस बीच एक गंभीर शिकायत जूनी इंदौर एसडीएम की अदालत में की गई। कहना था कि नयन का परिवार मध्यप्रदेश का निवासी नहीं होकर हरियाणा का है।
वह सुतार नहीं होकर सामान्य वर्ग से है। उन्होंने तीन साल पहले फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर योजना का लाभ लिया है। जैसे ही शिकायत आई, वैसे ही जूनी इंदौर क्षेत्र में जाति प्रमाण पत्र को देखने एसडीएम अक्षय मरकाम ने मामले की जांच बैठा दी। तहसीलदार को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए। गहराई में जाकर जांच की गई तो शिकायत सही पाई गई। मरकाम ने तुरंत इसकी जानकारी आला अधिकारियों को दी, जिसके आधार पर जाति प्रमाण पत्र निरस्त किया गया।

लौटानी पड़ेगी पाई-पाई
शिकायत में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से लिए जाने वाले लाभ की जानकारी भी दी गई थी। एसडीएम ने जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर रिपोर्ट विभाग को भी सौंप दी। विभाग के उपसंचालक ने इस पर आदेश जारी कर दिया। उसमें कहा गया जूनी इंदौर एसडीएम की अदालत ने आवेदक नयन पिता ओमप्रकाश शर्मा का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है। छात्र नियमों के तहत छात्रवृत्ति के लिए अपात्र है, इसलिए स्वीकृत छात्रवृत्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त की जाती है। छात्र को पूर्व में जारी की गई 19.02 लाख की राशि वसूली की कार्रवाई की जाए।

महासभा की ओर से आई थी शिकायत
हां, ओबीसी महासभा की ओर से शिकायत आई थी, जिसकी जांच की गई। इसके बाद नयन शर्मा के पिछड़ी जाति के प्रमाण पत्र को निरस्त कर संबंधित विभागों में जानकारी दे दी गई।
-अक्षय मरकाम,
एसडीएम जूनी इंंदौर (जाति प्रमाण पत्र)