
गर्मी से राहत पाने के लिए दरवाजा खोलकर सोए, सुबह तक पूरा घर साफ
इंदौर @न्यूज टुडे.
कंडिलपुरा में एक घर में चोरी हो गई। बताया जाता है कि गर्मी के चलते घर का दरवाजा खोलकर सो गए थे। सुबह उठे तो घर से जेवर और नकदी गायब थे।
पुलिस के अनुसार शक्ति पिता संतोष यादव निवासी कंडिलपुरा की शिकायत पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह घर का दरवाजा खुला रख कर सो गए थे। सुबह चार बजे उठे तो घर का सामान बिखरा हुआ था। बदमाश खुले दरवाजे का फायदा उठाकर घर में घुसा और तीन मोबाइल व सोने के टॉप्स और रुपए चुरा ले गया। वहीं रितेश पिता दौलत सिकरे के घर भी चोरी हो गई। नैनोद मल्टी गांधीनगर में उनके घर का ताला तोडक़र बदमाश जेवर और नकदी लेकर भाग गए।
चोरी करते हुए पकड़ाया
संयोगितागंज पुलिस ने चोरी करते हुए एक बदमाश को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार राजेश पिता राजकुमार वर्मा निवासी मुराई मोहल्ला की शिकायत पर विकास पाटनी निवासी अजमेऱ के खिलाफ केस दर्ज किया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि आरोपित ऋतुराज मांगलिक भवन परिसर में खुले दरवाजे से अन्दर घुस आया था। बदमाश ने लॉकर में रखे हुए 15 हजार रुपए निकाल लिए थे, वह रुपए लेकर भागता, इससे पहले ही उसे पकड़ लिया गया।
वर्कशॉप में चोरी
कनाडिय़ा रोड स्थित वर्कशॉप में चोरी हो गई है। पुलिस के अनुसार सुरेश पिता घासीराम चौधरी निवासी परदेशीपुरा की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि नेक्सा कार वर्कशॉप में अलमारी में 44,891 रुपए रखे हुए थे, जो चोरी हो गए।
जेल में बंद युवक पर लगाया चोरी का केस
कविता रैना हत्याकांड के मामले में पुलिस द्वारा निर्दोष को फंसाने के आरोप लगे रहे हैं, वहीं एक और ऐसा मामला सामने आया है, जब पुलिस ने जेल में बंद एक युवक को चोरी के प्रकरण में फंसा दिया। बताया जाता है कि दिसंबर में उसे जेल से रिहा किया गया और पुलिस ने नवंबर की वाहन चोरी के केस में उसे आरोपी बना दिया। अब कोर्ट से उसकी रिहाई हुई है।
छत्रीपुरा पुलिस ने एक स्कूटर चोरी के मामले में रितेश मीणा को आरोपी बनाया था। उसे कोर्ट ने रिहा कर दिया। एडवोकेट राजेंद्र यादव ने बताया कि रितेश को पुलिस ने झूठे केस में फंसाया था। यह बात कोर्ट में साबित हुई । उसे एक मामले में कोर्ट द्वारा 6 माह का कारावास हुआ था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया था। दिसंबर में उसकी सजा पूरी होने पर जेल से रिहाई हुई, जबकि पुलिस ने नवंबर में हुई एक स्कूटर चोरी में उसे आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जेल विभाग से रितेश के रिकॉर्ड मांगे गए थे। उन्होंने वारदात दिनांक को रितेश के जेल के अंदर ही बंद होने की पुष्टि की थी। इस संदर्भ में जेल के रिकॉर्ड भी कोर्ट में पेश किए थे। जेल से बाहर जाने की भी कोई बात नहीं थी, जो व्यक्ति वारदात के समय जेल के अंदर हो सकता है, वह आरोपी तो बन ही नहीं सकता। यह सारे तर्क कोर्ट के सामने पेश किए थे। कोर्ट ने रितेश को बरी कर दिया।
Published on:
27 May 2018 04:46 pm
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