टेक्सटाइल और पैकेजिंग कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठान मेसर्स नियो कॉर्प इंटरनेशनल लिमिटेड और उसके संस्थानों में आयकर इंवेस्टिगेशन विंग इंदौर ने सर्च तेज कर दी है। इसके साथ ही डमी कंपनियों के पंजीयन से जुड़े मामलों की पड़ताल भी तेज कर दी गई है।
फरवरी में आयकर इंवेस्टिगेशन विंग के अधिकारियों ने नियो कॉर्प इंटरनेशनल लिमिटेड के ठिकानों पर छापामारी की थी। इसमें 15 डमी कंपनियों के नाम भी सामने आए थे। शुरुआती सर्च में 150 करोड़ से अधिक कर चोरी की आशंका जताई गई थी। विंग के ज्वाइंट डायरेक्टर प्रशांत झा और वरिष्ठ आयकर अधिकारी अवनीश तिवारी की अगुवाई में टीम ने सर्च शुरू कर दी थी।
कार्रवाई के दौरान कंपनी के कॉर्पोरेट ऑफिस और पीथमपुर स्थित फैक्ट्री को सीज कर दिया था। आयकर अधिकारियों को त्रिवेदी के घर से 2 करोड़ के जेवरात, 55 लाख से अधिक नकद और 11 बैंक लॉकर मिले थे। लॉकरों को बाद में सीज करा दिय गया था। हालांकि, बाद में खोले गए लॉकरों से कुछ खास नहीं मिला।
शेयर पर निगाह
डमी कंपनियों के सहारे नियोकार्प के शेयर का बाजार खूब फला-फूला। आयकर अधिकारियों की कंपनी के शेयर पर निगाह है कि किस तरह से इनका आदान-प्रदान कर कंपनी की साख बढ़ाई गई।
इंटरनेशनल मार्केटिंग ऑफिस की जानकारी तलब
कंपनी के यूके, यूएसए, चीन और अमेरिका में मार्केटिंग ऑफिस हैं। इसके अतिरिक्त दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, अहमदाबाद, पटना और नागपुर में रीजनल ऑफिस हैं। इन कार्यालयों की कार्यप्रणाली और इनके द्वारा हुए कारोबार की जानकारी भी आयकर अधिकारी तलब कर रहे हैं।