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दोस्ती के नाम पर 10 लाख लिए, मांगे तो मार डाला

 अविनाश शर्मा (21) की हत्या कर शव किशनगंज इलाके में फेंकने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अविनाश ने परिजन से 10 लाख रुपए लेकर डॉक्टर दोस्त को उधार दिए थे, वापस मांगने  पर साथियों के साथ हत्या कर दी।

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Gwalior Online

Jun 26, 2015

murder

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इंदौर। फिल्म एकेडमी संचालक अविनाश शर्मा (21) की हत्या कर शव किशनगंज इलाके में फेंकने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अविनाश ने परिजन से 10 लाख रुपए लेकर डॉक्टर दोस्त को उधार दिए थे, वापस मांगने का दबाव बनाने पर उसने साथियों के साथ हत्या कर दी। अविनाश निवासी शिव कॉलोनी सेंधवा, हाल मुकाम अग्रसेन चौराहा इंदौर में रहता था। एएसपी देहात अरविंद तिवारी ने बताया, पकड़े गए आरोपियों में बीडीएस की पढ़ाई कर चुके हिमांशु जैन (21) निवासी नौलखा, मुकुल राठौर (21) निवासी सेंधवा, लोकेश राठौर (30) निवासी नौगांव और पंकज राठौर (21) निवासी धार है।

उधारी के पैसों से शुरू करना चाहता था पब

हिमांशु और अविनाश बचपन के दोस्त थे। बीडीएस की पढ़ाई के बाद हिमांशु ने अविनाश के साथ फिल्म एकेडमी खोली। नुकसान के चलते तीन माह पहले वह बंद हो गई। दोस्ती का हवाला देकर हिमांशु ने अविनाश से प्रेसिडेंट होटल के पास फुल मून नाम से पब डालने में मदद मांगी। अविनाश ने चाचा अशोक शर्मा से ६.७५ लाख व भाई पंकज से करीब तीन लाख रुपए लेकर उसे दे दिए।

शराब पिलाई, चाकू से गोद शव जलाया


31 मई की रात हिमांशु ने योजना बनाकर साथियों को पब में बुलाया। फिर रात 12 बजे अविनाश को एसएमएस कर बुलाया। तीन साथी ऑल्टो कार से किशनगंज के पास राजपूत ढाबे पहुंचे, हिमांशु कार से अविनाश को लेकर वहां पहुंचा। वहां सभी ने शराब पी। दो घंटे फोरलेन पर घूमते रहे। चार बजे अविनाश को चाकू से गोदकर मार दिया व चेहरा पेट्रोल डालकर जला दिया।

एसएमएस कर मोबाइल ट्रक में फेंका

हिमांशु ने अविनाश की पहचान के सारे सबूत मिटा दिए थे। एक मोबाइल पीथमपुर में फेंका जबकि दूसरे से अविनाश के रूम पार्टनर अंकुश जोशी को एसएमएस कर ट्रक में फेंक दिया। पुलिस ने ट्रक में फेंके मोबाइल की लोकेशन निकली तो वह ट्रक के साथ कई शहरों में पाई गई।

भंवरकुआं पुलिस की घोर लापरवाही

पुलिस ने मामले का खुलासा भले ही कर दिया लेकिन भंवरकुआं थाने की घोर लापरवाही भी सामने आई। अविनाश के भाई व औरंगाबाद में अकाउंटेंट पंकज शर्मा ने बताया, 3 जून को भंवरकुआं थाने पर गुमशुदगी दर्ज कराने के साथ हिमांशु पर शंका होने की बात कही थी। पुलिस ने 7 जून को उसके बयान भी लिए, लेकिन कुछ उगलवा नहीं पाई। टीआई राजेंद्र सोनी ने पूछताछ कर उसे छोड़ दिया।