
अजब-गजब : अनपढ़ व्यक्ति का भी हर दिन 300 कानूनों से पड़ता है पाला
विकास मिश्रा @ इंदौर. देश में लगातार बढ़ रहे अपराध, सुप्रीम कोर्ट और देश के तकरीबन सभी कोर्ट में वर्षों से पेंडिंग प्रकरणों सहित आमजन में कानून के सामान्य ज्ञान को लेकर शहर के लॉ प्रोफेसर की रिसर्च में सामने आया कि कम पढ़ा लिखा व्यक्ति भी में हर दिन करीब 300 कानूनों के संपर्क में आता है। कानून का सामान्य ज्ञान नहीं होने से ही अधिकांश अपराध होते हैं।
यदि देश में कानून के सामान्य ज्ञान की शिक्षा अनिवार्य कर दी जाए तो अपराधों पर तो अंकुश लगेगा ही कोर्ट में जाने वाले प्रकरणों में भी कमी आएगी। नए अपराध कम होंगे तो कोर्ट में लाखों केसों की पेंडेंसी, अपने आप खत्म होने लगेगी। लॉ प्रोफेसर और एडवोकेट पंकज वाधवानी ने रिचर्स पेपर और उसके परिणाम की प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मानव संसाधन विभाग को भी भेजी है।
रिसर्च में बात सामने आया कि सामान्य या कम पढ़ा लिखा व्यक्ति किराएदारी कानून, माल विक्रय अधिनियम, उपभोक्ता कानून, कॉन्ट्रैक्ट एक्ट, कारखाना अधिनियम, समान पारिश्रमिक अधिनियम, मातृत्व प्रसूति लाभ अधिनियम, मोटर व्हीकल एक्ट, बीमा अधिनियम, शिक्षा का अधिकार अधिनियम, भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता, साक्ष्य अधिनियम, संपत्ति अंतरण अधिनियम, रजिस्ट्रेशन एक्ट जैसे करीब 300 कानूनों के संपर्क में रोजाना आता है। ऐसे अनेकों अनेक कानून के प्रावधानों या धाराओं का उसे ज्ञान नहीं होता है।
22 देशों में कानूनी शिक्षा अनिवार्य
रिसर्च के अनुसार दुनिया के 22 देशों में कानून की शिक्षा अनिवार्य है। सरकार यह मानती है कि देश के हर नागरिक को कानून की जानकारी है, इसलिए किसी भी अपराध में माफी नहीं होती है। अपराध करने वाला यह नहीं कह सकता कि उसे कानून की जानकारी नहीं थी। वहीं हमारे देश में कानून को जानने और पढऩे के लिए ग्रेजुएशन के बाद अलग से पाठ्यक्रम एलएलबी निर्धारित है। स्कूली शिक्षा व उच्च शिक्षा में देश में प्रचलित कानूनों की जानकारी नहीं दी जाती है।
अपराधों पर नियंत्रण आसान होगा
रिसर्च के मुताबिक देश में कानून के सामान्य ज्ञान की पढ़ाई स्कूल स्तर से ही अनिवार्य की जाए। बच्चों जानकारी होने से वे अपराध और उसकी सजा के बारे में जानकर इनसे दूर रहेंगे। यदि सभी को देश के संविधान व अन्य महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारियां होंगी तो अपराधों पर नियंत्रण आसान होगा।
Published on:
20 Aug 2019, 10:28 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.