
इंदौर. पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्रेन से सफर के दौरान आपात स्थिति में सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए ट्वीट योजना शुरू की थी। इसके लिए इंडियन रेलवे सेवा नाम से ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट भी बनाया गया। प्रभु की यह योजना उनके रहते खूब चर्चित रही और कई लोगों ने इसका फायदा भी उठाया, लेकिन अब यह योजना मजाक बन गई है। लोग इसका गलत फायदा उठाने लगे हैं। यात्रियों ने ट्वीट के जरिए गलत जानकारी देने के साथ ही रेलवे के महकमे को परेशान करना शुरू कर दिया है।
ट्वीट कर उतरा यात्री
9306 पटना-इंदौर स्पेशल ट्रेन के बी-२ कोच की सीट नंबर १ पर सवार यात्री आशीष रमेश ने ट्वीट पर दूध की मांग की। यात्री ने शिकायत में पीएनआर नंबर भी डाला। इसके आधार पर चेकिंग कर्मचारी उज्जैन स्टेशन पर यात्री को दूध देने पहुंचा। कोच में खोजबीन की तो यात्री नहीं मिला। अटेंडर ने बताया, यात्री पहले ही किसी स्टेशन पर उतर गया।
कर्मचारी कंट्रोल रूम में मैसेज कर दूध वापस ले गया। ट्विटर पर यात्री रेल मंत्री के अलावा डीआरएम की आईडी पर भी हजार से अधिक ट्वीट आ चुके हैं। हालात यह हैं,आरपीएफ से जुड़ी 182 सुविधा के मैसेज भी यात्री ट्वीट पर भेज रहे हैं, जबकि कुछ यात्रियों द्वारा गाय का दूध, एक से अधिक बार दूध मांगने और ट्वीट करने के फौरन बाद ट्रेन से उतर जाने जैसे वाकये भी सामने आ रहे हैं। हालांकि आईडी पर मैसेज आने के बाद इसका रिप्लाय भी जरूरी है।
&कई बार ट्वीट की जानकारी गलत निकलती है। इस तरह के कई ट्वीट को लेकर मंडल के अफसरों ने भी जानकारी जुटाई है। जनता को इस सुविधा का लाभ उठाना चाहिए, न कि दुरुपयोग करना चाहिए।
-जितेंद्रकुमार जयंत, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी
आरक्षण सुधार के तहत निकली रैली
इंदौर . आरक्षण सुधार आंदोलन के अंतर्गत पुलिस भर्ती से वंचित युवाओं के नेतृत्व में रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन डीआईजी को सौंपा गया। रैली के संयोजक गौरव राजपूत, जयसिंह राजावत ने बताया, मप्र में पुलिस भर्ती के दौरान 14000 पदों पर भर्ती की जाना थी, जिसमें से मात्र 1200 पद सवर्ण समाज को मिल पाए हैं। इस पद्धति को बदलने की मांग को लेकर रैली निकाली गई।
Published on:
12 Mar 2018 06:01 pm

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