VIDEO : पिता को मुखाग्नि देते ही चीख पड़ी बेटी, रोते हुए बोली- हैप्पी फादर्स-डे पापा

VIDEO : पिता को मुखाग्नि देते ही चीख पड़ी बेटी, रोते हुए बोली- हैप्पी फादर्स-डे पापा

Reena Sharma | Publish: Jun, 16 2019 06:46:35 PM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

पिता को मुखाग्नि देकर १२ साल की बेटी ने निभाया अपना फर्ज

इंदौर. जब मुखाग्नी देते वक्त रोते हुए खुशी ने कहा हैपी फादर्स-डे पापा तो वहां उपस्थित हर एक व्यक्ति की आंखें भीग गई। किसी के भी आंसु थम नहीं पाएं। एक 12 साल की बेटी के पिता को इस दुनिया से जाते वक्त हर किसी का मन उस मासुम बेटी को देखकर दुखी हो रहा था जो रोते-रोते बोल रही थी पापा हैप्पी फादर्स-डे।

 

INDORE

बीती रात 38 वर्षीय जय वाटवानी का निधन हो गया था जिनका अंतिम संस्कार फादर्स-डे के दिन यानि रविवार को किया गया। ऐसे में पिता को मुखाग्नि कौन दें? यहीं चर्चा चल रही थी लेकिन लोगों की सोच में बदलाव आ चुका हैं और बेटी भी किसी बेटे से कम नहीं...वाकई इस बात को वाटवानी परिवार ने साबित भी कर दिखाया है।

INDORE

जय वाटवानी को उनकी 12 साल की बेटी खुशी ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार बेटी नहीं कर सकती है। यह तथ्य मौजूदा सदी में अव्यावहारिक परंपरा मानी जा सकती है। इस परंपरा को दरकिनार करते हुए खुशी ने अपने पिता को नम आंखों से मुखाग्नि दी और रोते-रोते हैप्पी फादर्स-डे पापा कहा। निधन के बाद परिवार की सहमति से पुत्री ने अंगदान की सहमति भी दे दी थी किन्तु तकनीकी कारणों से केवल नेत्रदान ही हो सका।

भारतीय संस्कृति में किसी की मौत होने पर उसको मुखाग्नि मृतक का बेटा/भाई/भतीजा/पति या पिता ही देता है। दूसरे लफ्जों में आमतौर पर पुरुष वर्ग ही इसे निभाता है। पुरुषप्रधान व्यवस्था को ताक मे रख यह निर्णय प्रशंसनीय, नारी को आदर और अधिकार दिलाने वाला है।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned