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Indian Railway : इन रेल अफसरों ने कर दिया लाखों रुपए घोटाला

railway officers scamIndian Railway : पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल में पिछले दो वर्षों में जितने में भी आयोजन हुए हैं, उनमें जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। सितंबर माह में मुंबई से आए दो सदस्यों वाले विजिलेंस के दल ने कमर्शियल विभाग के इन घपलों का पूरा चिट्ठा जब्त कर जांच के दायरे में ले लिया है। इस जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं।

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इंदौर

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Sanjay Rajak

Oct 14, 2019

Indian Railway : इन रेल अफसरों ने कर दिया लाखों रुपए घोटाला

Indian Railway : इन रेल अफसरों ने कर दिया लाखों रुपए घोटाला

इंदौर. न्यूज टुडे.रतलाम मंडल में 2017 से अतिथि सत्कार के नाम पर 30 लाख रुपए खर्च कर दिए गए हैं। जो आयोजन हुए उसमें 17 मार्च 2018 को रेलमंत्री पीयूष गोयल के आतिथ्य में रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम और 19 फरवरी 2019 को कालाकुंड में आयोजित हुआ प्रेस टूर भी शामिल है। बात दें कि विजिलेंस टीम की जांच के दौरान वाणिज्य विभाग के कार्यालय अधीक्षक परवेज को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार रेलवे में अलग-अलग आयोजनों में रेलमंत्री, महाप्रबंधक, रेलवे बोर्ड अध्यक्ष से लेकर सदस्य आदि दौरे-निरीक्षण पर आते हैं। इन आयोजनों के दौरान सत्कार, भोजन, बैठक, मंच आदि पर लाखों रुपए खर्च किया जाता है।

ऐसे हुआ पूरा घोटाला

इन आयोजन के लिए आकस्मिक रूप से मिसलेनियस विभाग द्वारा मांग करने पर रुपए जारी किए जाते हैं। मंडल के इस विभाग के प्रभारी कार्यालय अधीक्षक परवेज खान हैं, जिन्हें निलंबित किया गया है। विजिलेंस की जांच में आरोप है कि इसी विभाग द्वारा ३० लाख रुपए की गड़बड़ी की गई है। आयोजन के लिए रेलवे के अलग-अलग विभाग द्वारा तैयारी के लिए पैसा निकाला जाता था। आयोजन के बाद जितना पैसा खर्च होता था, उसके बिल लगाए जाते, शेष राशि जमा कर दी जाती। इसी दौरान बिल की हेराफेरी और बोगस बिल लगाकर खर्चा बढ़ा दिया जाता था। इसकी जानकारी आला अफसरों को भी होती थी। विजिलेंस ने 2017 से अब तक हुए आयोजनों को जांच मे लिया है।

मंडल स्तर पर लीपापोती शुरू

विभागीय सूत्रों के अनुसार इस जांच के लिए मुंबई विजिलेंस विभाग में पदस्थ इंस्पेक्टर गरुड़ कुमार सहित एक अन्य अफसर सितंबर अंत में जांच के लिए रतलाम मंडल आए थे। जांच के दौरान भुगतान से जुड़ी सभी फाइलों को जब्त किया, लेकिन पूरा मामला उजागर होने के बाद मंडल अफसर मुख्यालय के कुछ वरिष्ठ अफसरों से दबाव डालकर मामला खत्म करने की तैयारी में हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस मामले में कमर्शियल विभाग के मुख्य अफसरों को ही तत्काल हटाया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। महज एक कर्मचारी को निलंबित कर खानापूर्ति कर दी गई।