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अगले स्टेशन मेघदूत गार्डन है, मेट्रो में यात्रियों को मिलती रहेगी लोकेशन

ऐसी है यलो लाइन मेट्रो, डिपो में इंजीनियरों की टीम कर रही काम, पायलेट को भी बुलाया  

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अगले स्टेशन मेघदूत गार्डन है, मेट्रो में यात्रियों को मिलती रहेगी लोकेशन

अगले स्टेशन मेघदूत गार्डन है, मेट्रो में यात्रियों को मिलती रहेगी लोकेशन

इंदौर. वडोदरा से इंदौर आने के बाद गांधीनगर के डिपो में यलो लाइन मेट्रो के कोच का कवर हटाकर सारे कनेक्शन को जोडऩे का काम तेजी से किया जा रहा है। अफसरों के निर्देश में इंजीनियरों की टीम काम कर रही है, ट्रायल के लिए ड्राइविंग पायलेट को भी बुलाया गया है। मेट्रो के अंदर एलइडी स्क्रीन पर यात्रियों को स्टेशन की जानकारी मिलती रहेगी। लगातार उद्घघोषणा के जरिए बताया जाएगा कि अब कौन से स्टेशन आ रहा है, मेघदूत स्टेशन पर पहुंचने के कुछ देर पहले ही यात्रियों को अलर्ट कर दिया जाएगा।
गांधीनगर डिपो के अंदर यार्ड में कवर हटाने के बाद तीनों कोच को जोडक़र तैयार किया गया है। इंजीनियरों की टीम सभी कोच को जोडऩे के बाद बिजली और अन्य तरह के कनेक्शन जोड़ रहे है। कोच के अंदर सीटिंग व्यवस्था को भी ठीक किया रहा है। 14-15 सितंबर को ट्रॉयल होना है, इसके पहले कोच के इंजिन को चालू कर तमाम सेटिंग को चेक किया जाएगा, लोड टेस्ट भी हो जाएगा। कंपनी के पायलेट की मदद से ट्रॉयल होना है।

मेट्रो कोच मेें है इस तरह की व्यवस्थाएं

- एक कोच में चार गेट है, सेंसर से गेट बंद चालू होंंगे।
- कांच की पारदर्शी खिडक़ी है, साथ ही इमरजेंसी की स्थिति के लिए आपातकाल खिडक़ी है, पैसेंजर कम्युनिकेशन सिस्टम भी है।

- कोच में ध्रूमपान करने तथा धुआं निकलने की स्थिति में भी तुरंत अलर्ट अलार्म बजेगा, सेंसर सक्रिय हो जाएंगे।
- कोच में ड्राइवर से संपर्क करने का भी सिस्टम यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेगा। - यात्रियों को लगाकर वाइस सिस्टम के जरिए अगले स्टेशन को लेकर अलर्ट मैसेज भी मिलता रहेगा।

- एलइडी के जरिए भी सारी जानकारी का प्रसारण होगा।
- हर स्टेशन पर कमांड कंट्रोल रूम होगा, मुख्य कंट्रोल रूम गांधीनगर डिपो में रहेगा।

- इंजिन में पायलेट के लिए 2-3 फीट की जगह है, शेष कोच यात्रियों के लिए रहेगा।