
मुंबई के बदमाश ने उद्योगपति डॉ. बाहेती को दी ये धमकी, क्राइम ब्रांच की टीम ने ऐसे बिछाया जाल और धरदबोचा
इंदौर. उद्योगपति डॉ. रमेश बाहेती को धमकाने वाले मुंबई के बदमाश को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर 5 दिन के लिए रिमांड पर लिया है। डॉ. बाहेती का मुंबई के किसी व्यापारी से 35 करोड़ के लेन-देन का विवाद है। आरोपी का कहना है, सेटलमेंट कराने के लिए उसे सुपारी मिली थी। आरोपी डॉन छोटा राजन से जुड़े मुंबई-पुणे के गैंगस्टर प्रथमेश परब के नाम से उद्योगपति को धमका रहा था। आरोपी ने कबूला कि उसकी दोस्ती बिल्डर चिराग जोशी से थी। चिराग ने ही कहा था कि ऐसा काम दिलाऊंगा कि तू बड़ा आदमी बन जाएगा। कुछ दिन बाद चिराग ने उसे एसटीएल कंपनी का नंबर दिया और कहा कि इनका कोई सेटलमेंट है।
कनाडिय़ा थाने में दर्ज धमकी के केस के मामले में गिरफ्तार सूरजसेन (21) पिता समरसेन दुबे निवासी मिरकुट की चाल कल्याण वेस्ट (मुंबई) के खिलाफ अवैध वसूली की धारा बढ़ा दी गई है। एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र के मुताबिक, आरोपी ने मुंबई के बिल्डर चिराग जोशी के कहने पर डॉ. बाहेती को धमकाना कबूल किया है। डॉ. बाहेती ने की थी, 16 जून से उन्हें धमकीभरे मैसेज, वाइस मैसेज व फोन आ रहे थे। आरोपी दो मोबाइल नंबर से कॉल कर रहा था। करीब 3 दिन बाद स्थानीय लिंक की मदद से क्राइम ब्रांच की टीम ने एक जगह आरोपी को मिलने बुलाया और धरदबोचा। उसके पास उक्त दोनों मोबाइल नंबर, डॉ. बाहेती को भेजे गए मैसेज, वाइस मैसेज भी पुलिस को मिल गए।
कई लोगों से वसूल चुका लाखों रुपए
एएसपी अमरेंद्रसिंह व कनाडिय़ा टीआई अनिल चौहान की टीम को आरोपी सूरज से पूछताछ में पता चला, वह गैंगस्टर प्रथमेश परब के नाम से लोगों को धमकाता था। डॉ. बाहेती को भी इसी नाम से धमका रहा था। सूरज उसे गुरु मानता है। आरोपी द्वारा उपयोग किए गए मोबाइल नंबर सर्च करने पर परब लिखा आता है, जिससे लोग और घबरा जाते हैं। आरोपी पैसों के लेन-देन के विवाद में मुंबई के महात्मा फुले क्षेत्र में कॉर्पोरेटर प्रमोद भाई पर सेलटमेंट नहीं करने पर चाकू से प्राणघातक हमला भी कर चुका है।
कॉलेज छात्र आर्यन तड़वी के सिर पर बोतल मारकर घायल करने तथा किरए पाटिल नामक व्यक्ति को लेन-देन विवाद में चाकू मारने जैसे तीन गंभीर अपराध कर चुका है। उस पर चेक बाउंस के केस भी चल रहे हैं। आरोपी 12वीं तक पढ़ा है। बार में अय्याशी करने और गर्लफ्रेंड को घुमाने के लिए पैसों की जरूरत होने पर अपराध की दुनिया में आया। वह एक बिल्डर के लिए काम करता है। एएसपी के मुताबिक, परब के नाम से धमकाकर वह कई लोगों से 5 से 10 लाख रुपए वसूल चुका है।
बिल्डर ने दिया था 35 करोड़ की वसूली का ठेका
एएसपी के मुताबिक, सूरज को मुंबई के बिल्डर चिराग जोशी ने कहा था, इंदौर की कंपनी एसटीएल के मालिक से 35 करोड़ रुपए लेना हैं। राशि दिलवाने पर 1-2 करोड़ उसे मिल जाएंगे। चिराग ने उसे कंपनी का नंबर दिया। उसने एसटीएल कंपनी के मालिक प्रशांत अग्रवाल को कॉल कर धमकाया था। अग्रवाल ने बताया, उन्होंने कंपनी 2010 खरीदी है। पेमेंट का मसला 2007-08 का है, तब कंपनी के मालिक डॉ. बाहेती थे। आरोपी ने कंपनी में फोन कर दिनेश से बात की थी। आरोपी का कहना है, उसे कंपनी से जुड़े लोगों व चिराग ने डॉ. बाहेती के परिवार व उनके कामकाज की जानकारी दी। उसके आधार पर वह धमका रहा था। आरोपी का कहना है कि प्रथमेश के नाम से लोग डरते हैं, इसलिए उसके नाम से धमकाता था। पुलिस को चिराग की तलाश है। अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फरियादी पक्ष ने लेन-देन के विवाद से इनकार किया है।
मुंबई का डॉन बनना चाहता है बदमाश
गिरफ्त में आए सूरज ने पूछताछ में अफसरों को बताया कि वह बदमाशों के साथ घूमता है और आए दिन लोगों को वसूली के लिए धमकाता है। मोबाइल सिम भी दूसरों के नाम ली है। आरोपी का कहना है कि वह मुंबई का डॉन बनना चाहता है।
Updated on:
12 Jul 2019 03:53 pm
Published on:
12 Jul 2019 03:33 pm
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