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Loan Scam : तीन बैंकों ने दिया 110 करोड़ का लोन, अब बैंक मैनेजरों को नोटिस

यूनियन बैंक (Union Bank Of India) एमजी रोड, पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) मनोरमागंज और यूको बैंक (UCO Bank) न्यू पलासिया शाखा के मुख्य प्रबंधकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें पूछा गया, जब टाउनशिप आकार ले रही थी तब वहां प्लॉट खरीदने वालों ने रजिस्ट्री व अनुबंध के आधार पर आपत्ति ली तो 110 करोड़ का लोन (Bank Loan) कैसे व क्यों दिया गया?

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इंदौर

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Sandeep Pare

Feb 14, 2022

प्लॉटधारकों की आपत्ति के बाद भी तीन बैंकों ने दिया 110 करोड़ का लोन, बैंक मैनेजरों को नोटिस

प्लॉटधारकों की आपत्ति के बाद भी तीन बैंकों ने दिया 110 करोड़ का लोन, बैंक मैनेजरों को नोटिस,प्लॉटधारकों की आपत्ति के बाद भी तीन बैंकों ने दिया 110 करोड़ का लोन, बैंक मैनेजरों को नोटिस,प्लॉटधारकों की आपत्ति के बाद भी तीन बैंकों ने दिया 110 करोड़ का लोन, बैंक मैनेजरों को नोटिस

इंदौर . सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रशासन जमीन के जालसाजों चंपू उर्फ निलेश अजमेरा, चिराग शाह, हैप्पी धवन, कैलाश गर्ग से सेटलमेंट कर पीडि़तों को प्लॉट व राशि दिलवाने का प्रयास कर रहा है। इस बीच चारों बैंक की आपत्तियों को लेकर बहानेबाजी कर रहे हैं। अपर कलेक्टर ने बायपास स्थित सैटेलाइट हिल्स मामले में प्लॉटधारकों की आपत्तियों के बाद भी पीएनबी (Punjab National Bank), यूको (UCO Bank) व यूनियन बैंक (Union Bank Of India) द्वारा कैलाश गर्ग को टाउनशिप की जमीन पर दिए 110 करोड़ (Loan) के लोन पर स्पष्टीकरण मांगा है। तीनों बैंक के मैनेजर्स को नोटिस जारी कर 21 फरवरी तक दस्तावेज लेकर तलब किया है। बैंकों ने आपत्ति दरकिनार कर लोन ही नहीं दिया, बल्कि सरफासी एक्ट में प्रकरण खारिज करने के बाद भी टाउनशिप की जमीन बंधक होने और अपना कब्जा होने की सूचना जारी कर प्रशासन के आदेश को भी नजरअंदाज किया।
अपर कलेक्टर अभय बेड़ेकर ने यूनियन बैंक एमजी रोड, पंजाब नेशनल बैंक मनोरमागंज और यूको बैंक न्यू पलासिया शाखा के मुख्य प्रबंधकों को नोटिस जारी किए हैं। इसमें पूछा गया, जब टाउनशिप आकार ले रही थी तब वहां प्लॉट खरीदने वालों ने रजिस्ट्री व अनुबंध के आधार पर आपत्ति ली तो 110 करोड़ का लोन कैसे व क्यों दिया गया? लोन तीनों बैंकों के कन्सोरटियम द्वारा हेड ऑफिस कमेटी से स्वीकृत कराया गया है, इसलिए तीनों बैंकों का स्पष्टीकरण आवश्यक है। जब तक बैंको द्वारा स्थिति स्पष्ट नहीं की जाएगी, सेटलमेंट में दिक्कत आएगी। सुप्रीम कोर्ट को जवाब देने में कठनाई होगी। एेसी स्थिति में बैंकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए प्रशासन को बाध्य होना पड़ेगा।

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मामले के प्रमुख तथ्य

- नोटिस अनुसार मे. नारायण निर्यात इंडिया प्रालि को तीनों बैंकों ने 110 करोड़ का लोन दिया है। इसके तहत एवलांच रियलटी के संचालक कैलाश बापूलाल गर्ग द्वारा सैटेलाइट हिल्स कॉलोनी की भूमि सर्वे क्र. 111, 112 व अन्य बंधक है, जबकि इन जमीनों पर टाउनशिप के लिए अनुमतियां प्राप्त कर प्लॉट बेच दिए गए हैं।
- बैंकों द्वारा सैटेलाइट हिल्स की गिरवी जमीनों के कारण फायनल सेटलमेंट एग्रीमेंट में दिक्कत आने की आशंका है। तथ्यों के अनुसार, ग्राम नायता मुंडला में विभिन्न सर्वे क्रमांकों में कुल रकबा 37.460 हेक्टेयर जमीन पर एवलांच रियलटी द्वारा सैटेलाइट हिल्स नामक कॉलोनी का विकास किया है। प्लॉटों की रजिस्ट्री कर दी है। शिकायतों की जांच में भी खुलासा हुआ कि प्लॉट बेचने के बाद 7 जनवरी 2011 को एवलांच रियलटी की इस जमीन को गिरवी रखा गया है।

- बैंकों द्वारा सरफासी का प्रकरण अपर कलेक्टर कोर्ट में प्रस्तुत किया था, जिसे खारिज किया गया है। बावजूद इसके बैंकें जमीन पर हक जता रही हैं, जबकि बैंकों के पास कब्जा नहीं है।