
indore zoo tiger file photo
नितेश पाल, इंदौर.
चिडिय़ाघर में 17 मई को जन्में बाघ के शावकों में से नर शावक की सोमवार रात को मौत हो गई। नर शावक की मृत्यू ज्यादा दूध पीने के कारण हुई। इस शावक को पैदा होने के 24 घंटे बाद ही मां ने त्याग दिया था।
चिडिय़ाघर में बाघिन जमना ने 17 मई को दो शावकों को जन्म दिया था। लेकिन जन्म देने के 24 घंटे बाद ही उसने उन्हें त्याग दिया था। बाघिन ने नन्हें शावकों को धूप में पटकने के साथ ही उन पर मिट्टी डाल दी थी। जिसके बाद उन्हें चिडिय़ाघर के कर्मचारियों ने बचाया था। उसके बाद से ही दोनों ही शावकों को चिडिय़ाघर स्थित अस्पताल में विशेष निगरानी में रखा गया था। हालांकि मां के द्वारा त्यागे जाने के कारण दोनों शावक पहले से ही कमजोर थे। लेकिन बीते 23 दिनों में उनकी हालत में काफी सुधार हुआ था। सोमवार को इसमें से नर शावक को जो दूध दिया था वो उसने काफी ज्यादा पी लिया था। जिसके कारण पूरा दूध उसके फेफड़ों में उतर गया था। शाम को उसकी हालत बिगडऩे लगी तो उसका इलाज शुरू किया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। रात को उसने दम तोड़ दिया। जिसके बाद 23 दिन के नन्हें शावक का चिडिय़ाघर प्रभारी डॉ.उत्तम यादव ने पोस्टमार्टम किया। जिसमें उसके फेफड़ों में दूध मिला।
50 नन्हें घडिय़ाल आए चिडिय़ाघर में
सोमवार को जहां चिडिय़ाघर में नन्हें बाघ ने दम तोड़ दिया वहीं सोमवार को ही चिडिय़ाघर में 50 से ज्यादा घडिय़ालों ने भी जन्म लिया। चिडिय़ाघर में मौजूद मादा घडिय़ाल ने कुछ समय पहले अंडे दिए थे। इनमें से सोमवार को बच्चे निकल गए। जो कि 50 से भी ज्यादा है। अभी ये नन्हें घडिय़ाल बड़े घडिय़ालों के साथ ही उनके कुंड में हैं। इन्हें एक दो दिनों में चिडिय़ाघर में बनी घडिय़ालों की नर्सरी में शिफ्ट किया जाएगा। इन घडिय़ालों के आने के बाद चिडिय़ाघर में घडिय़ालों की संख्या 80 से भी ज्यादा हो गई है।
Published on:
11 Jun 2018 10:22 pm
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