
ट्रांसफर नीति आई नहीं, उससे पहले शिक्षक जुटे पोङ्क्षस्टग की सेङ्क्षटग में
इंदौर। प्रदेश में अभी ट्रांसफर नीति भले ही सामने नहीं आई हो, लेकिन इंदौर जिले के शिक्षक सेङ्क्षटग जमाने में जुट गए हैं। मंत्री से लेकर विधायक, जनप्रतिनिधियों के पास हाजरी लगा रहे हैं। वहीं कुछ शिक्षक अफसरों को उनके वादे भी याद दिला रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार जिले में १० से १२ हायर सेकंडरी स्कूल में प्राचार्य के पद खाली हैं। प्रभारियों के भरोसे ही काम चल रहा है। इनके अलावा कई स्कूल में स्टाफ की कमी है। जिले के कुछ स्कूल ऐसे भी हैंं, जहां शिक्षक अपने तबादले करवा कर आराम की नौकरी कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ट्रांसफर नीति घोषित करेगी, उससे पहले ही शिक्षकों ने मोर्चा संभाल लिया है। मंत्री से लेकर विधायक व जनप्रतिनिधियों से अपनी सेङ्क्षटग करना कर दिया है। अपनी एप्रोच लगाने में जुट गए हैं।
वादे दिला रहे याद
जिले में कुछ शिक्षक प्रशासनिक व विभाग के अधिकारियों के काफी करीबी हैं। कई मौकों पर अधिकारियों ने उन्हें अच्छी पोङ्क्षस्टग का आश्वासन दिया। अब वे शिक्षक इन अधिकारियों को अपने पुराने वादे को याद भी दिला रहे हैं ताकि उन्हें उनकी मनपसंद पोङ्क्षस्टग मिल सके।
विभाग में अंगद भी
शिक्षा विभाग में कुछ शिक्षक या प्राचार्य ऐसे भी हैं, जो विभाग में अंगद के पैर की तरह जमे हैं। मानपुर में पदस्थ प्राचार्य डीके परमार इसका बड़ा उदाहरण हैं। उनका प्रशासनिक आधार पर देवास जिले में ट्रांसफर हुआ। मानपुर के जनप्रतिनिधियों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी कार्य प्रणाली को लेकर मंत्री उषा ठाकुर तक शिकायत हुई, फिर भी वे मानपुर में जमे हुए हैं।
Published on:
07 May 2022 11:44 am
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
