
तीन पीढ़ी की हत्यारी नेहा ने जेल में नहीं मानी ‘वार्निंग’, खुराफात की तो कर दिया ‘तड़ीपार’
इंदौर. सेंट्रल जेल में फांसी की सजा का इंतजार कर रही नेहा और उसके साथी राहुल का ट्रांसफर कर दिया गया है। दोनों को प्रदेश की अलग-अलग जेलों में भेजा गया है। बताया जाता है कि नेहा को पहले ही वार्निंग दी गई थी कि उसकी शिकायत हुई तो उसे व राहुल दोनों को अलग-अलग कर दिया जाएगा। इसके बाद भी वह नहीं मानी और खुराफात जारी रखी।
इंदौर के श्रीनगर में बेटी, मां व नानी की हत्या करने वाली नेहा वर्मा और उसके साथी राहुल व मनोज सेंट्रल जेल में बंद थे। तीनों को फांसी की सजा हुई है। उनकी दया याचिका विचाराधीन है। जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने बताया कि नेहा व उसके साथियों के जेल में विवाद करने और दूसरी शिकायतें मिल रही थीं। इस पर उसके केस पार्टनर मनोज पिता नानूराम को जबलपुर भेजा गया है। नेहा को भी वार्निंग दी गई थी कि वह किसी भी प्रकार का विवाद करती है या फिर स्टाफ उसकी शिकायत करता है तो उसका भी ट्रांसफर कर दिया जाएगा। राहुल का भी लिस्ट में नाम था। उस पर भी नजर रखी जा रही थी। इसके बाद भी उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। इस पर प्रशासनिक आधार पर नेहा व राहुल को इंदौर सेंट्रल जेल से ट्रांसफर कर दिया गया। नेहा को जबलपुर भेजा है, वहीं राहुल को ग्वालियर जेल। वहां पर भी निगरानी के बीच उन्हें रखा गया है।
अफसरों से मिले थे परिजन
सूत्रों के अनुसार नेहा के परिजन ने अफसरों से मिलकर ट्रांसफर निरस्त कराने का प्रयास भी किया था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आला अधिकारियों ने नाम सुनने के बाद स्पष्ट तौर पर मना कर दिया कि ट्रांसफर के अलावा अन्य बात करनी हो तो करें।
ऐसे किए थे तीन पीढिय़ों के कत्ल
नेहा वर्मा, राहुल चौधरी और मनोज अटोद ने श्रीनगर मेन में रहने वाली अश्लेषा देशपांडे, उनकी मां मेघा देशपांडे और उसकी नानी रोहिणी फडक़े की 19 जून को क्रूर तरीके से हत्या कर दी थी। नेहा ने कुछ दिन पहले ही मेघा देशपांडे को शहर के एक शॉपिंग मॉल में देखा था। मेघा ने उस समय काफी जेवर पहन रखे थे। रातों-रात अमीर बनने के चक्कर में नेहा ने मेघा से दोस्ती की और फिर इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया।
नेहा वर्मा को मिला था अवॉर्ड
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नेहा वर्मा को अवॉर्ड भी मिल चुका है। डॉ. वर्तिका नंदा की तिनका-तिनका फाउंडेशन की ओर से अवॉर्ड दिया गया था। नेहा ने जेल में रहते हुए जरदौजी की कला सीखी और सिखाई है। इसके अलावा ब्यूटी पार्लर का कोर्स सीखा और दूसरी महिला बंदियों को साफ सुथरा रहना सिखाया था। विदेश मंत्रालय के सचिव ज्ञानेश्वर मूले द्वारा यह अवॉर्ड जारी किया गया है।
Published on:
13 Jan 2020 01:26 pm
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