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तीन पीढिय़ों का कत्ल करने वाली नेहा ने जेल में मचा रखा है ‘उत्पात’, मिल चुकी है फांसी की सजा

साथी मनोज को जबलपुर किया ट्रांसफर, नेहा को भी दी वॉर्निंग तीन आरोपियों की दया याचिका है विचाराधीन

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इंदौर

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Hussain Ali

Oct 08, 2019

तीन पीढिय़ों का कत्ल करने वाली नेहा ने जेल में मचा रखा है ‘उत्पात’, मिल चुकी है फांसी की सजा

तीन पीढिय़ों का कत्ल करने वाली नेहा ने जेल में मचा रखा है ‘उत्पात’, मिल चुकी है फांसी की सजा

इंदौर. ट्रिपल मर्डर केस में सेंट्रल जेल में फांसी की सजा का इंतजार कर रही नेहा वर्मा के साथी का ट्रांसफर कर दिया गया है। बताया जाता है कि नेहा को भी वॉर्निंग दी गई है, अगर उसकी शिकायत हुई तो उसे और राहुल दोनों को ही अलग-अलग जेलों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इसके अलावा कुछ अन्य कैदियों को भी प्रदेश की दूसरी सेंट्रल जेल में भेजा गया है। बताते हैं कि पहले भी जेल प्रबंधन नेहा वर्मा के नखरों से काफी परेशान रहा है।

श्रीनगर में तीन पीढिय़ों की हत्या करने वाली नेहा वर्मा और उसके साथी राहुल व मनोज सेंट्रल जेल में बंद हैं। तीनों को फांसी की सजा हुई है। उनकी दया याचिका विचाराधीन है। जेलर एलएस भदौरिया ने बताया कि जेल के अंदर विवाद करने वाले और जिनके खिलाफ दूसरी शिकायतें मिल रहीं, उनकी लिस्टिंग की गई है। इसके आधार पर मनोज को जबलपुर भेजा गया है। नेहा को भी वॉर्निंग दी गई है कि अगर वह किसी भी प्रकार का विवाद करती है या फिर स्टाफ उसकी शिकायत करता है, तो उसका भी ट्रांसफर कर दिया जाएगा। लिस्ट में राहुल का भी नाम है। उस पर भी नजर रखी जा रही है। अगर आगामी दिनों में व्यवहार ठीक नहीं हुआ तो दोनों अलग-अलग जेल भेज दिए जाएंगे।

ऐसे किए थे तीन पीढिय़ों के कत्ल

नेहा वर्मा, राहुल चौधरी और मनोज अटोद ने श्रीनगर मेन में रहने वाली अश्लेषा देशपांडे, उनकी मां मेघा देशपांडे और उसकी नानी रोहिणी फडक़े की १९ जून को क्रूर तरीके से हत्या कर दी थी। नेहा ने कुछ दिन पहले ही मेघा देशपांडे को शहर के एक शॉपिंग मॉल में देखा था। मेघा ने उस समय काफी जेवर पहन रखे थे। रातों-रात अमीर बनने के चक्कर में नेहा ने मेघा से दोस्ती की और फिर इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया।

नेहा वर्मा को मिला था अवॉर्ड

गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नेहा वर्मा को अवॉर्ड भी मिल चुका है। डॉ. वर्तिका नंदा की तिनका-तिनका फाउंडेशन की ओर से अवॉर्ड दिया गया था। नेहा ने जेल में रहते हुए जरदौजी की कला सीखी और सिखाई है। इसके अलावा ब्यूटी पार्लर का कोर्स सीखा और दूसरी महिला बंदियों को साफ सुथरा रहना सिखाया था। विदेश मंत्रालय के सचिव ज्ञानेश्वर मूले द्वारा यह अवॉर्ड जारी किया गया है।

इन्हेंं भेजा गया बाहर

भदौरिया ने बताया कि जेल में चल रहे ऑपरेशन क्लीन के तहत सीरियल किलर राजू पिता भुवानसिंह को सागर, मनोज नाइट्रा को ग्वालियर, गुलशन तेजवानी हत्याकांड के आरोपित हैप्पी उर्फ रुद्राक्ष पिता व्येंकट को ग्वालियर, अविनाश टार्जन को सागर, राजीम उर्फ अज्जू को ग्वालियर सेंट्रल जेल भेजा गया है। इसके अलावा शाकीर चाचा और अंकित को पहले ही दूसरी जेलों में ट्रांसफर किया जा चुका है।