प्रशासन भी उसका साथ नहीं देता और एक दिन उसका सामान फेंकने आए भ्रष्ट नेताओं, गुंडों और पुलिस अधिकारी को त्रिशूल से मौत के घाट उतार देती है। निर्देशक ने मुन्नी बाई की व्यथा-कथा दिखाने के लिए दो अभिनेत्रियों का उपयोग किया। सागरिका दीक्षित ने युवा मुन्नी का रोल किया जो कोठे पर नाचती है और प्रीति किल्लेदार ने उस मुन्नी का जो मंदिर की पुजारिन है।