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कांग्रेस नेत्री हत्याकांड : बाप से संबंध, बाद में बेटे से कर ली थी शादी और फिर हत्या कर जलाया शव

अपने हाथ पर गुदवा लिया था जगदीश का नाम, जगदीश की पत्नी और बहू ने भी किया था हमला

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विवाह पंजीयन हुआ आसान, इस छोटी औपचारिकता से ही हो जाएगी शादी

इंदौर. ट्विंकल डागरे की मौत के मामले में लगभग खुलासा हो गया है। आरोपितों तक पहुंची पुलिस के सामने मौत की पूरी वजह आ गई है। ट्विंकल के पहले जगदीश करोतिया उर्फ कल्लू पहलवान से मधुर संबंध थे। उसने अपने हाथ पर जगदीश का नाम भी गुदवा लिया था। इस पर ट्विंकल के माता-पिता ने उसे जगदीश से दूर रहने कि समझाइश दी थी। बाद में वह जगदीश के बेटे अजय के करीब आ गई और उससे मंदिर में शादी कर ली, जो परिवार में झगड़े की वजह बनी।

गौरतलब है कि 16 अक्टूबर 2016 को बाणगंगा क्षेत्र के फ्रीगंज में रहने वाली ट्विंकल डागरे लापता हो गई थी। मां रीटा व पिता संजय डागरे ने बाणगंगा थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी, लेकिन पिछले दो सालों में ट्ंिवकल का कोई अता-पता नहीं चला। एक समय ऐसा भी आया, जब भाजपा नेताओं के दबाव में पुलिस ने जांच ठंडे बस्ते में पटक दी। इसी बीच मां-बाप हाईकोर्ट पहुंच गए और वहां से पुलिस को मिला फटकार और फिर कांग्रेस की सरकार बन जाने से जांच में तेजी आई। मां-बाप शुरू से इस मामले में भाजपा नेता कल्लू करोतिया उसके बेटे अजय, विजय और विनय को आरोपित बता रहे थे। पिछले दिनों नए एडीजी ने पुराने अंधे कत्लों को खोजने का कहा तो पुलिस ने भी मामले की जांच तेज गति से की तह तक पहुंच गई। पुलिस जांच में सामने आया कि अजय ने ट्विकल से मंदिर में प्रेम विवाह किया था, ये बात पुलिस जांच में भी सामने आई है। अजय ने पुलिस को बताया है कि 16 अक्टूबर को ही ट्विंकल का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। जब ये लोग उसका शव जला रहे थे तो फैक्टरी के एक चौकीदार ने उन्हें देख लिया था। तब पिता ने उसे यह बोलकर भगा दिया था कि कुछ नहीं, हमारा कुत्ता मर गया है, उसे जला रहे हैं। इस पर चौकीदार वहां से चला गया था। इसके बाद आरोपियों ने निगम के तीन कर्मचारियों से उस स्थान पर कचरा डलवा दिया। इसके बाद आग भी लगा दी। बाद में जले हुए कचरे को नाले में बहा दिया। भाजपा के नेताओं का संरक्षण होने से पुलिस करोतिया और उसके बेटों पर सख्ती नहीं दिखा पा रही थी।

मरीमाता पर आखिरी लोकेशन

16 अक्टूबर को ट्विंकल डागरे का मोबाइल बंद हो गया था। एलएलबी की पढ़ाई कर रही ट्ंिवकल अपने घर से नाश्ता लेने जाने का बोलकर निकली थी। उसकी कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने 40 से अधिक लोगों से पूछताछ की थी। उसकी आखिरी लोकेशन मरीमाता चौराहे पर मिली थी। ट्ंिवकल के माता-पिता ने पुलिस को बताया था कि गायब होने के बाद उसने एक नए नंबर से कॉल कर सूचना दी कि उसे बाणगंगा इलाके में एक मकान के बाथरूम में टॉयलेट शीट के नीचे गाड़ रहे हैं। जब पुलिस परिजन के साथ मौके पर गई तो वहां कुछ नहीं मिला था।

नए एडीजी के आदेश के बाद तेजी

हाल ही में सरकार बदलने के बाद अधिकारियों के भी तबादले हुए। एक सप्ताह पहले ही इंदौर के नए एडीजी के रूप में वरुण कपूर ने कमान संभाल ली। आते ही उन्होंने अधिकारियों से पुराने मामलों की फाइलें खोलने और अंधे कत्लों से पर्दा उठाने की बात कही थी। अपनी पहली बैठक में सभी मातहत अफसरों को दस वर्षों के अंधे कत्लों को सुलझाने के निर्देश दिए। इसी के चलते बाणगंगा टीआई इंद्रमणि पटेल के नेतृत्व में एसआई प्रभा डाबी, एएसआई दिनेश त्रिपाठी सहित दस पुलिसकर्मियों की एक टीम बनाई गई। टीम ने ट्ंिवकल मामले की फाइल फिर से खोली और संदेहियों से पूछताछ में जुट गई।

नौकर ने खोला राज

दो दिन लगातार सख्ती के बाद जगदीश का नौकर लखन सूर्यवंशी आखिरकार टूट गया। उसने तोते की तरह बोलते हुए करोतिया परिवार द्वारा ट्विंकल की हत्या करने की बात कही। शव सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र के अवंतिका नगर में पानी की टंकी के पीछे एक फैक्टरी की दीवार से लगी जमीन के पीछे दफन होना बताया। इससे हरकत में आई पुलिस गुरुवार सुबह एक जेसीबी के साथ लखन को लेकर बताई जगह जा पहुंची और ख्ुादाई की। इसके बाद पुलिस ने जगदीश करोतिया और उसके बेटे अजय व अन्य को हिरासत में लेकर सख्ती दिखाई तो हत्या करना कबूल कर लिया।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज भी काट गए थे कन्नी

ट्विंकल की मां रीटा का कहना है कि हमारी बेटी लापता थी। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मिलने के लिए हम चार बार गए, लेकिन वे नहीं मिले, जबकि वे बेटियों का मामा बताते थे। विधानसभा चुनाव के दौरान जब वे बाणगंगा में आए तब भी हम मिलने गए, लेकिन वे मुंह फेर कर चले गए। हमने गुहार लगाई कि मामा आपकी भांजी लापता है। अगर वे चाहते तो हमें कब का न्याय मिल जाता। पुलिस छोटे-छोटे मामलों में आरोपित जिनके घर रुकते हैं, उन्हें भी आरोपित बनाती है फिर हमारी बेटी के हत्यारों को संरक्षण देने वालों पर भी कार्रवाई होना चाहिए।