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पैमाने पर खरे नहीं उतरे… आधा दर्जन पर जुर्माना

खाद्य सुरक्षा अधिनियम में लिए सेंपल फेल, अपर कलेक्टर की अदालत ने सुनाए थोकबंद फैसले

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पैमाने पर खरे नहीं उतरे... आधा दर्जन पर जुर्माना

इंदौर। खाद्य सामग्री में शुद्धता लाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग सेंपल लेता है। कुछ सेंपल फेल हो गए थे, जिनके खिलाफ विभाग ने प्रकरण बनाकर अपर कलेक्टर की अदालत में पेश किए। कल छह संस्थाओं को लाखों रुपए का दंड किया गया।

सरकार ने २००६ में खाद्य सुरक्षा अधिनियम बनाया। इसमें पैक व खुली खाद्य सामग्रियों को लेकर कई पैमाने तय किए गए। इनके आधार पर नगर निगम और खाद्य औषधि विभाग की टीम जांच कर सेंपल लेती है। देखती है कि मिथ्याछाप व अमानक तो नहीं है। ऐसे ही छह मामलों में कल अपर कलेक्टर कैलाश वानखेड़े की अदालत ने गड़बड़ी मिलने पर संस्था के कर्ताधर्ताओं पर अर्थ दंड किए।

केस: 1

२४ जुलाई २०१७ को खाद्य सुरक्षा अधिकारी हिमाली सोनपाटकी ने मैकेनिक नगर स्थित सिंह बेकरी की जांच की थी। जहां से मिसब्रांडेड स्पेशल बेकरी मैदा के पैकेट मिले, जो मिथ्याछाप पाए गए। बेकर्स के पार्टनर गगनदीप मिल्खू, गुरदीपसिंह विखू, हरजीत कौर विखू, परमजीत कौर विखू और मैदा सप्लाय करने वाले ज्ञानचंद ट्रेडर्स के खिलाफ केस बनाया। बेकरी पार्टनर पर ४५ हजार और मैदा सप्लाय करने वाल पाहूजा पर ६० हजार का जुर्माना किया।

केस: 2

२४ मार्च २०१७ को खाद्य सुरक्षा अधिकारी गौतम भाटिया ने स्कीम नंबर ७८ स्थित जीएस रेस्टोरेट की जांच की थी। वहां से पूरब नमकीन ब्रांड की सेव का पैकेट जब्त किया था। मिथ्याछाप पाए जाने पर मालिक जय सोनी के खिलाफ केस बनाया। ३० हजार रुपए का दंड किया।

केस: 3

१६ फरवरी २०१७ को खाद्य सुरक्षा अधिकारी कीर्ति रावत ने तेजाजी नगर स्थित मल्हार बेवरेज की जांच की थी। वहां मिस ब्रांडेड ए प्लस पैक्ड डिं्रक वॉटर तैयार किया जा रहा था। मिथ्याछाप होने पर प्रांजल सिंह पंवार व लाइसेंसी विजय गवलानी के खिलाफ केस दर्ज किया गया। दोनों के खिलाफ एक लाख रुपए का जुर्माना किया गया।

केस: 4

१२ दिसंबर २०१७ को खाद्य सुरक्षा अधिकारी वैशाली सिंह ने धार रोड स्थित राधेश्याम डेयरी की जांच की थी। वहां गाय व भैंस का मिश्रित दूध पाया गया। अमानक होने पर संचालक संदीप चौधरी के खिलाफ केस बनाया। ३० हजार रुपए का जुर्माना किया गया।

केस: 5

१६ अगस्त २०१७ को खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश वास्केल ने रानी बाग मेन रोड स्थित मैसर्स एस रिटेल की जांच की। संजीवनी प्लेन टोस्ट जब्त किया। मिथ्याछाप होने पर मैनेजर निशांत बिजोलिया व प्रोप्राइटर सुनील मिश्रा पर केस दर्ज किया। दोनों पर ७० हजार का जुर्माना किया।

केस: 6

११ जनवरी २०१८ को खाद्य सुरक्षा अधिकारी वैशाली सिंह ने स्कीम ७८ स्थित अरबन टी कैफे की जांच की। अमानक दही जब्त किया गया। मालिक वैभव सिंह पर ३० हजार रुपए का जुर्माना किया।