
इंदौर. चार बार शहर को नंबर वन दिलाने में सबसे अहम वाल्मीकि समाज से जुड़े सफाई मित्रों की समस्याओं का हल नहीं निकल पा रहा है। समस्याओं के हल के लिए अफसरों और नगर निगम में यूनियनों के चक्कर काट-काट कर लोग हताश हो चुके हैं। निराश होकर 250 पीडि़त परिवार अब संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के नक्शेकदम पर धर्म परिवर्तन की तैयारी में हैं।
समाज के अधिकतर लोग नगर निगम में कर्मचारी हैं, लेकिन उनकी परेशानी नौकरी को लेकर है। निगम में सफाई कार्य में जुटे कर्मचारियों को कभी भी नौकरी से बंद कर दिया जाता है। समाजजन का आरोप नौकरी से बंद करने के पीछे यूनियनों से जुड़े लोग हैं। समाज में दबदबा बनाने के लिए कमजोर समाजजनों पर दबाव बनाया जा रहा है।
इन कारणों से लिया फैसला
राजमोहल्ला स्थित समाज की धर्मशाला को सील करवा दिया।
सफाई कर्मचारियों को बार-बार सस्पेंड करने और बहाल करने के नाम पर दबाव बनाया जा रहा है।
समाज की पुरातन पंचायतों की परंपरा में नगर निगम की नौकरी से निकालने का दबाव बनाकर छेडछाड़ की जा रही है।
बाबा साहेब की राह पर चलकर करेंगे धर्म परिवर्तन
धर्मशाला बंद करने के बाद भडक़े लोग
राजमोहल्ला हरिजन कॉलोनी स्थित समाज की धर्मशाला को पांच दिन पहले प्रशासन के निर्देश पर सील कर दिया गया। इसके पीछे यहां कोरोना नियमों का उल्लंघन और अवैधानिक गतिविधियों के संचालन की सूचना थी। समाज के लोगों का कहना है कि समाज पर अपना प्रभाव जमाने के लिए चंद लोगों ने इसे बंद करवाया है।
हमारे साथ किया जा रहा भेदभाव
हमारे साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। हमें पहले नौकरी से निकालने वापस रखने के नाम पर, उसके अलावा समाज की पंचायतों की संरचना में छेडछाड करने के लिए नौकरी से निकालने के लिए दबाव बनाने का काम तो चल रहा था, अब समाज के गरीबों की सहारा धर्मशाला को भी बंद करवा दिया है। लगातार दमन की कोशिश की जा रही है। जब हमें इंसाफ ही नहीं मिल पा रहा है तो हम लोग बाबा साहेब की राह पर चलते हुए धर्म परिवर्तन करने के साथ ही समानता का अधिकार पाने की कोशिश करेंगे।
- विक्की पथरोड, रहवासी, राजमोहल्ला हरिजन कॉलोनी
Published on:
15 Jun 2021 02:25 am
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
