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दोहरे टैक्स ने बढ़ाए सब्जियों के दाम

महू हाट-बाजार में थोक सब्जियों की नीलामी, तीन जगह लग रहा टैक्स

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Subhash Sharma

Feb 07, 2016

इंदौर (डॉ. आंबेडकर नगर - महू) . सब्जियों की थोक खरीद-फरोख्त एवं नीलामी के लिए भले ही डोंगरगांव स्थित कृषि उपज मंडी में सब्जी मंडी की व्यवस्था की गई है, पर छावनी परिषद एवं स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण शहर के मध्य हाट बाजार में सब्जियों का थोक कारोबार किया जा रहा है, जबकि इस हाट में फुटकर सब्जियों के बेचने की व्यवस्था थी। प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को महंगी सब्जियों के रूप में भुगतना पड़ रहा है। इसके पीछे वजह है कि हाट बाजार में व्यापारी किसानों से पहले दस फीसदी टैक्स वसूलते हैं, इसके बाद छावनी परिषद व्यापारियों एवं फुटकर विक्रेताओं से 20-20 रु. बतौर टैक्स लेती है। इसका खामियाजा लोगों को सब्जियों की बढ़ी हुई कीमत के रूप में करना पड़ रहा है।

कई बार की शिकायत, नतीजा सिफर
हाट बाजार में थोक सब्जियों की नीलामी रोकने की मांग किसान संघ अध्यक्ष मोहनलाल पांडेे एवं किसान परिषद सीईओ के साथ ही उपाध्यक्ष रचना विजयवर्गीय से कर चुके हैं। इसके अलावा एसडीएम को भी इस संबंध में शिकायत की गई है, पर नतीजा सिफर ही रहा। परिषद की अनदेखी के कारण हाट बाजार में आलू का थोक विक्रय बदस्तूर जारी है। प्रतिदिन 70 से 80 छोटे-बड़े वाहनों से आलू इंदौर, उज्जैन, मानपुर सहित अन्य क्षेत्रों से आता है। यहां किसानों को खुले में नीलामी का इंतजार करना पड़ता है। यहंा न तो पानी की व्यवस्था और न ही शेड। साथ ही अन्य सब्जियों की नीलामी में भी तीन से चार घंटे तक अव्यवस्था बनी रहती है। हालात ये हैं कि सुबह सात बजे से 11 बजे तक रोड जाम रहता है। वहीं दूसरी ओर कृषि उपज मंडी समिति के माध्यम से मंडी प्रांगण में फल एवं सब्जियों की नीलामी होने से कृषकों को महज दो फीसदी टैक्स ही चुकाना पड़ेगा। साथ ही यहां प्रतिस्पर्धा के चलते उपज का उचित दाम भी मिल सकेगा। अधिक टैक्स नहीं होने से सब्जियां उचित दाम पर उपभोक्ताओं तक पहुंच सकेगी। भारतीय किसान संघ ने इस संबंध में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें मांग की गई है कि कृषि उपज मंडी में सब्जियों का विक्रय किया जाए, जिससे किसानों को अधिकतम टैक्स से मुक्ति मिल सके।

मंडी से किसानों को लाभ
कृषि उपज मंडी में सब्जियों का थोक व्यापार होने किसानों को काफी फायदा मिलेगा। बड़े किसानों को अपने उपज को बेचने के लिए इंदौर की मंड़ी में नहीं जाना पड़ेगा। वहीं छोटे व्यापारियों को भी हरी सब्जी लेने के लिए इंदौर मंड़ी नहीं जाना पड़ेगा। और कृषि उपज मंडी डोंगरगांव में मंड़ी लगने से व्यापारियों को सस्ती सब्जियां मिलेगी, जिससे आम जनता को सस्ती सब्जियां मिलेगी।


यह मामला मेरे संज्ञान में आया है, एक ही सब्जी पर पहले व्यापारी फिर केंट द्वारा टैक्स लगाया जा रहा है। बहुत जल्द थोक मंड़ी को स्थानांतरित किया जाएगा।
- संदीप जीआर, एसडीएम महू।