
Indore News : ऐसा क्या हुआ कि ऐतिहासिक गोपाल मंदिर का बेचना पड़ रहा सामान
इंदौर. शहर की ऐतिहासिक धरोहर गोपाल मंदिर का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इसके चलते नगर निगम ने पहले जहां अनुपयोगी लकड़ी बेची, वहीं अब लोहा नीलाम किया जाएगा। मंदिर से निकला 6300 किलो लौह भंगार बेचने को लेकर टेंडर जारी कर ऑफर बुलाए हैं। इधर, पिछले दिनों शुरू हुए गोपाल मंदिर हेरिटेज शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के दुकानदार बाहर लगने वाली दुकानों के कारण व्यापार न होने से परेशान हैं।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत गोपाल मंदिर का जीर्णोद्धार लंबे समय से चल रहा है। मंदिर में से बड़ी मात्रा में पुरानी लकड़ी निकली। जो उपयोग में ली जा सकती थी, उसको मंदिर में पुन: लगा दिया और अनुपयोगी लकड़ी को पिछले दिनों नीलाम कर बेच दिया गया। मंदिर में तोडफ़ोड़ के दौरान निकली लकड़ी को सुरक्षित रखकर उपयोग में लेने के लिए पीयू कोटिंग कराई गई। इससे ये सौ साल तक सुरक्षित रहेगी। मंदिर से निकली लकड़ी का निराकरण तो हो गया, लेकिन लोहे को लेकर कोई फैसला न होने पर वह पड़े-पड़े जंग खाकर सडऩे लगा। इस पर निगम अफसरों ने उसे बेचने का फैसला लिया और टेंडर जारी कर दिए। अब जो ज्यादा कीमत देगा, उसे ये लोहा बेच दिया जाएगा। 6300 किलो लोहा निकला है। इसमें कई चीजें उपयोगी हैं। गौरतलब है कि होलकर शासनकाल में जिस रूप में मंदिर था, उसी रूप में फिर से लाया गया है।
दुकान मिली, व्यापार नहीं
गोपाल मंदिर हेरिटेज शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पिछले दिनों शुरू किया गया। इसमें बनी 221 दुकानों में से 84 दुकानों का कब्जा दे दिया गया है। दुकान मिलने के बावजूद व्यापार शुरू नहीं हो पाया है। इसका कारण गोपाल मंदिर के आसपास सडक़ किनारे फुटपाथ पर लग रही दुकानें हैं। इन पर वही सामान और कपड़े बेचे जा रहे हैं, जो अंदर की दुकानों पर मिल रहे हैं। इस वजह से ग्राहक कॉम्प्लेक्स की दुकानों पर नहीं आ रहे और बाहर से माल खरीद रहे हैं। मालूम हो कि गोपाल मंदिर और राजबाड़ा जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण का काम करने के लिए इन ऐतिहासिक इमारतों की दीवार से लगी जिन 112 दुकानों-गुमटियों को हटाया गया था, उनके मालिकों को लॉटरी के जरिए दुकानें आवंटित की गईं थीं। शेष 109 दुकानें नीलामी प्रक्रियानुसार आवंटित की गई हैं।
निगम वसूल रहा भारी भरकम किराया
गोपाल मंदिर हेरिटेज कॉम्प्लेक्स व्यापारी संघ उपाध्यक्ष मुकेश पटवा का कहना है कि दुकानदारों को नए कॉम्प्लेक्स में दुकानें तो मिल गईं, मगर समस्या यह है कि निगम दुकान निर्माण लागत राशि ले रहा है। साथ ही भारी-भरकम किराया लिया जा रहा है। किराया देने में व्यापारी असमर्थ हैं। कॉम्प्लेक्स के बाहर फुटपाथ पर दुकानें लगने लगी हैं। इससे कॉम्प्लेक्स में दुकानदारों का धंधा चलना मुश्किल है। फुटपाथ पर लगने वाली दुकानों को लेकर निगम अफसरों को शिकायत की गई है।
Published on:
22 Mar 2022 11:15 am
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
