
इंदौर. कोरोना काल में बच्चो को लगी मोबाइल फ़ोन लत अब भारी पड़ने लगी है। बच्चे अब मोबाइल को छोड़ने को तैयार नहीं है और अगर माता-पिता जबरन लत को छुड़ाने की कोशिश करते हैं तो बच्चे घातक कदम उठा लेते हैं। शहर में माता पिता द्वारा बच्चे को मोबाइल से दूर रखने के लिए डांटना भारी पड़ गया,यहां दो किसोरियों ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
पुलिस के मुताबिक माता-पिता ने मोबाइल के लिए डांटा और उनके मोबाइल फोन छीने तो दो लड़कियों ने फांसी लगा ली। इनसे में 19 वर्षीय एक लड़की की मौत हो गई और दूसरी, 17 साल की लड़की की स्थिति गंभीर बनी हुई हैउसका इलाज एमवाई अस्पताल में चल रहा है।
मोबाइल पर गेम खेलने की आदी थी लड़कियां
चंदन नगर इलाके में एक युवती शहरा परवीन के आत्महत्या के कारणों में पता चला है कि वह मोबाइल पर गेम खेलने की बहुत आदी थी, परिजनों ने उसे इस बात के लिए डांटा तो उसने फांसी लगा ली, परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे तो उसे मृत घोषित कर दिया गया।
दूसरी लड़की का इलाज जारी
शहर के बालदा में एक 17 साल की युवती ने भी शुक्रवार की रात में फांसी लगा ली थी। घरवालों ने उसे मोबाइल पर गेम खेलने से मना किया था और मोबाइल छीन लिया था। हालांकि समय रहते उसे अस्पताल में एडमिट कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
एक्सपर्ट्स के अनुसार कई बार पैरेंट्स अपने बच्चो से ज्यादा परेशान हो जाते है और बच्चे घर में बिल्कुल शांत रहे और कोई भी शैतानी भी न करें। इसके लिए कई बार पैरेंट्स ही अपने बच्चों को सहूलियत के लिए मोबाइल दे देते हैं, लेकिन धीरे-धीरे बच्चों को मोबाईल की आदत लग जाती है। फिर वही जब बच्चे ज्यादा मोबाईल का इस्तेमाल करते है तो उनके पैरेंट्स उनसे परेशान हो जाते है। उन्हें मोबाइल का इस्तेमाल करने से रोकता है तो वे हिंसक हो जाते हैं। इसलिए पहले से ही बच्चो पर नजर रखनी चाहिए उनको मोबाईल का आदि नहीं बनाना चाहिए। हर पैरेंट्स को अपने बच्चो के साथ वक्त बिताना चाहिए।
Published on:
13 Jun 2022 07:42 pm
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