
यहां महिलाएं सुधारती है बाइक, चौका-चूल्हा संभालने के साथ बनी मैकेनिक
इंदौर. न्यूज टुडे. जो महिलाएं पहले कभी घर पर चूल्हा-चोका संभालभर संभालती थी, अब वे घर से बाहर निकल कर परिवार का सहारा बन रही हैं। पुरुष प्रधान काम ऑटो गैरेज में भी महिलाएं अपना हुनर दिखा रही हैं। जिस संस्था ने पहले शहर की महिलाओं को ड्राइविंग सीखा कर आत्मनिर्भर बनाया है, अब उसी संस्था ने महिलाओं को मैकेनिक का काम सीखा कर बता दिया है कि वे भी पुरुषों की तरह हर एक काम कर सकती हैं। शहर में महिला मैकेनिकों द्वारा दो पहिया वाहनों की सर्विसिंग के लिए कैम्प का आयोजन किया जा रहा है।
रविवार को यह कैंप नौलखा स्थित जीवनशाला में लग रहा है। उल्लेखनीय है कि शहर में समान सोसायटी द्वारा गल्र्स काउंट नई दिल्ली के सहयोग से 65 महिलाओं को दो पहिया वाहनों के मैकेनिक की ट्रेनिंग दी जा रही है। इनमें से 15 से अधिक महिलाएं 6 माह का मैकेनिक प्रशिक्षण पूरा का चुकी है और वे शहर के गैरेज पर भी मैकेनिक के काम का एक माह का अनुभव प्राप्त कर चुकी है। इस कैम्प में ये महिला मैकेनिक 100 रुपए मात्र की रियायती दर पर एक्टिवा, मोटर साइकिल एवं अन्य दो पहिया वाहनों की सर्विसिंग करेगी। समान सोसायटी के डायरेक्टर राजेंद्र बंधु ने बताया कि इस कैम्प का उद्देश्य महिलाओं मैकेनिकों द्वारा शहर के लोगों को अपने हूनर से अवगत करना है तथा यह साबित करना है कि महिलाएं भी मैकेनिक जैसे पुरुष वर्चस्व के काम कर सकती हैं और उससे संबंधित रोजगार अपना सकती हैं।
100 महिलाएं होंगी तैयार
सोसायटी की ओर से बताया गया कि संस्था का लक्ष्य इस वर्ष मार्च माह तक कुल 100 महिलाओं को मैकेनिक का प्रशिक्षण देने का है। संस्था द्वारा प्रशिक्षित महिलाओं को शहर के विभिन्न सर्विस सेंटर्स पर रोजगार दिलवाने का प्रयास भी किया जाएगा एवं इच्छुक महिलाओं को उनके गैरेज शुरू करने में मदद की जाएगी।
Published on:
06 Jan 2019 11:01 am
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