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Blood Donation: जानिए क्या हैं इसके फायदे, क्यों होती है लोगों को जरुरत

जिंदगी में सबसे अटूट रिश्ता खून का रिश्ता होता है जो जिंदगी भर हमारा साथ देता है। आप भी उन तमाम जरूरतमंद लोगों को रक्त दान करके जिंदगी भर के लिए उनसे एक अटूट रिश्ता बना सकते हैं।

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Narendra Hazare

Jun 14, 2016

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इंदौर। जिंदगी में सबसे अटूट रिश्ता खून का रिश्ता होता है जो जिंदगी भर हमारा साथ देता है। आप भी उन तमाम जरूरतमंद लोगों को रक्त दान करके जिंदगी भर के लिए उनसे एक अटूट रिश्ता बना सकते हैं। पूरे देशभर में हर पल रक्त की कमी के कारण कोई न कोई मृत्यु से लड़ रहा है। ऐसे में यदि हम किसी को रक्त दान कर दें तो वह किसी जीवनदान से कम नहीं होगा।

आप बचा सकते हैं 500 लोगों की जान

यदि आप खुद की इच्छा से एक बार भी रक्तदान करते हैं तो जाने अनजाने में आप 3 लोगों की जान बचाते हैं और वहीं आप हर 90 दिन बाद रक्त दान करतें हैं तो आप 30 गैलन रक्त दान कर 500 जरूरतमंदो की जान बचाऐंगे।

प्रदेश में रक्तदाताओं की स्थिति

मध्यप्रदेश में आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2006 में 56.2 प्रतिशत रक्तदान हुआ वहीं वर्ष 2008 में यह आंकड़ा 68.75 प्रतिशत रहा। वहीं पूरे देशभर में हर साल 4 करोड यूनिट खून की आवश्यकता होती है जिसमें से केवल 40 से 50 लाख यूनिट रक्त की ही पूर्ति हो पाती है।

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सेहतमंद है रक्तदान

रक्त दान का फायदा केवल मरीजों को ही नहीं बल्कि उन सभी को है जो रक्त दान करते हैं। रक्त दान करने से शरीर में मौजूद अनावश्यक लौह तत्व शरीर से बाहर चला जाता है जिससे ह्रदय घात का खतरा कम हो जाता है। इसके साथ ही आप नियमित रूप से फिट रहते हैं और आपकी कैलोरीज कम होती हैं।

किन लोगों को है जरूरत?

हर साल ऐसे करोड़ों लोग होते हैं जिन्हें रक्त की जरूरत होती है लेकिन उनमें से कुछ लाखों को ही रक्त मिल पाता है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि जब कोई कार एक्सिडेंट में गंभीर रूप से घायल होता है तब उसे 100 यूनिट ब्लड की जरूरत होती है। इसके अलावा सिकल सेल के मरीजों को भी रक्त की जरूरत पड़ती है।

कौन कर सकता है रक्तदान?

रक्त दान केवल वही लोग कर सकते हैं जिनकी उम्र 18-65 वर्ष के बीच हो। रक्तदान करने के लिए आपका हिमोग्लोबिन 12 प्रतिशत से अधिक होना चाहिए। रक्तदान केवल वही व्यक्ति कर सकता है जिसका वजन 50 किलो से अधिक हो और उसने पिछले तीन माह से रक्त दान न किया हो। यदि आप किसी नशीले पदार्थ का सेवन करते हैं तो आप रक्तदान नहीं कर सकते।

रक्तदान की क्या है प्रक्रिया?

रक्तदान करने से पहले आपके खून की जांच होती है जिसके सही होने पर ही आप रक्तदान कर सकते हैं। उसके बाद आपके रक्त के नमूने को 5 तरह की प्रक्रिया से गुजरना पडता है। जैसे एच आई वी, हैपिटाइटिस ए, हैपिटाइटिस बी, सिफलिस आदि। इसके बाद जांच के परिणाम नकारात्मक आने पर ही इसे उपयोग में लिया जाता है। फिर रक्त को 2-6 डिग्री सेल्सिीयस में स्टोर किया जाता है। इसके बाद उसके विभिन्न तत्वों को अलग किया जाता है।

कौन है यूनिवर्सल डोनर?

जिनका ब्लड ग्रुप 'O' निगेटिव होता है उन्हें यूनिवर्सल डोनर कहते हैं। यूनिवर्सल डोनर वो लोग होते हैं जो किसी भी ब्लड ग्रुप के लोगों को ब्लड दे सकते हैं। भारत में सिर्फ 7 प्रतिशत ही ऐसे लोग हैं जिनका ब्लड ग्रुप 'O' निगेटिव है। इमरजैंसी के वक्त जब नवजात शिशु का ब्लड ग्रुप पता न हो तब 'O' निगेटिव ब्लड बहुत काम आता है। साथ ही जिन लोगों का ब्लड ग्रुप एबी+ होता है उनके ब्लड में मौजूद प्लाज्मा किसी अन्य ब्लड ग्रुप के व्यक्ति को दिया जा सकता है। भारत में केवल 0.4 प्रतिशत लोगों का ब्लड ग्रुप एबी+ है।

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