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इंदौर के युवा स्वात्म झांझरी लेंगे विशुद्ध सागर महाराज से मुनि दीक्षा

उम्र के इस दौर में जहां युवा मौज-मस्ती करने के साथ-साथ अपने कैरियर बनाने की ओर अग्रसर होते हैं, वहीं इंदौर के एक युवा स्वात्म झांझरी ने अपने जीवन को अध्यात्म की राह पर ले जाते हुए महावीर के पथ का चुनाव किया है।

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इंदौर

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Lavin Owhal

Sep 22, 2021

इंदौर के युवा स्वात्म झांझरी लेंगे विशुद्ध सागर महाराज से मुनि दीक्षा

इंदौर के युवा स्वात्म झांझरी लेंगे विशुद्ध सागर महाराज से मुनि दीक्षा

इंदौर. उम्र के इस दौर में जहां युवा मौज-मस्ती करने के साथ-साथ अपने कैरियर बनाने की ओर अग्रसर होते हैं, वहीं इंदौर के एक युवा स्वात्म झांझरी ने अपने जीवन को अध्यात्म की राह पर ले जाते हुए महावीर के पथ का चुनाव किया है।
आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने 2017 में इंदौर में चातुर्मास किया था, उनके त्याग, तपस्या व महावीर सरीखी मुद्रा से इंदौर के 16 वर्षीय युवक स्वात्म झांझरी को वैराग्य उत्पन्न हो गया था और उसने आचार्य संघ में जाने का निश्चय कर लिया। परिवार और आचार्यश्री ने उसके इस प्रण को परखने के लिए उससे अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद ही इस मार्ग को चुनने के लिए मार्गदर्शित किया। स्वात्म अपने संकल्प को लेकर दृढ़ थे, परीक्षाएं देने के बाद, फिर से अपने परिवार के समक्ष प्रार्थना की कि मुझे आचार्यश्री के पास ले चलो। स्वात्म के दृढ़ संकल्प को देखकर समस्त परिवार ने अपने बेटे की इच्छा का मान रखते हुए वर्ष 2018 में औरंगाबाद, महाराष्ट्र में आचार्यश्री विशुद्ध सागर महाराज के पास संघ में रखने की प्रार्थना करते हुए छोड़ दिया।
आगामी १४ नवंबर को लेंगे दीक्षा
स्वात्म ने औरंगाबाद में आचार्यश्री से ब्रह्मचर्य व्रत लिया और नित्य प्रतिदिन नए संयम, नियम, त्याग, तपस्या के साथ, अध्यात्म के पथ पर आगे बढ़ते हुए अप्रैल 2021 में शाश्वत तीर्थ श्री सम्मेदशिखर में प्रथम बार अपने स्वयं के हाथों से केशलोचन करते हुए समस्त संघ को यह बता दिया कि वह अब दिगंबर मुद्रा धारण करने एवं महावीर की तरह ही आचरण करने के योग्य हो गया है। आचार्यश्री ने स्वात्म भैया की शिक्षा, ध्यान, तप, तपस्या देखते हुए आगामी 14 नवंबर को ५ ब्रह्मचारी भैयाओं के साथ मुनि दीक्षा देने की स्वीकृति प्रदान की।
फिलहाल 19 वर्ष है उम्र
इंदौर के स्वातम, नरेन्द्र प्रकाश झांझरी के पोते व कौशल झांझरी के ज्येष्ठ पुत्र हैं जिनकी उम्र अभी 19 वर्ष की है। 14 अक्टूबर को झारखंड के सम्मेद शिखरजी में स्वातम (इंदौर), बृजेश (ब्रजपुर), अविरल (दिल्ली), संजय (भोपाल), अंकुश (भिंड) मुनि दीक्षा से पहले दीक्षार्थियों को अपने-अपने घर परिवार, नगरवासी और समाज से मिलने भेजा जाता है। जिससे अभी भी यदि उनके मन में संसार के प्रति कोई आसक्ति बची हो तो वह अपने निर्णय पर पुन: विचार कर सकते हैं या मन बदल सकते हैं।
आज होगा भावी महावीरों का सम्मान
इसी कड़ी में पांचों दीक्षार्थी बुधवार को इंदौर में आ रहे हैं। वें समाज के प्रमुख मंदिरों कंचनबाग समवशरण मंदिर, अंजनी नगर मंदिर जाएंगे, जहां दीक्षार्थीयो की गोद भराई एवं अन्य कार्यक्रमों समेत भावी महावीरों का सम्मान करेगा। बुधवार शाम 6.30 बजे सभी दीक्षार्थी ब्रह्मचारी भाइयों की गोद भराई व शोभा यात्रा का कार्यक्रम अंजनी नगर से प्रारंभ होगा। यात्रा का अनुमोदन करने के लिए सैकड़ों समाजजन दीक्षार्थियों को विदाई एवं उनका सम्मान करेंगे।