
BSNL and MTNL
नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने वित्तीय संकट से जूझ रहे भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के पुनर्जीवन के लिए बनाई गई योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। जिसके तहत दोनों कंपनियों के मर्जर और 4 जी स्पेक्ट्रम देने की भी बात कही है। सरकार के इस कदम से साफ है कि दोनों कंपनियों को सरकार अपने हाथों से नहीं जाने देगी।
विलय को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने बड़ा फैसला लेते हुए भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के विलय को बुधवार को मंजूरी दे दी। रविशंकर प्रसाद ने पत्रकार वार्ता में साफ कर दिया है कि सरकार दोनों कंपनियों को निजी हाथों या फिर अपनी हिस्सेदारी कम ना करने का कोई फैसला नहीं कर रही है। दोनों कंपनियों को सरकार अपने हाथों में रखकर आगे की ओर बढ़ाएगी।
कर्मचारियों को वीआरएस का ऑफर
कैबिनेट ने वित्तीय संकट से जूझ रहे भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के पुनर्जीवन के लिए बनाई गई वीआरएस योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार ने दोनों कंपनियों के लिए 15 हजार करोड़ रुपए के बॉन्ड्स और 4-जी स्पेक्ट्रम देने को मंजूरी दे दी है। आपको बता दें कि बीएसएनएल में 1.76 लाख कर्मचारी काम कर रहे है। बीते वित्त वर्ष में कंपनी को 13 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था।
Published on:
23 Oct 2019 06:55 pm
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