
सैन फ्रांसिस्को। डेटा लीक विवाद के बीच फेसबुक ने कहा है कि वह एंड्रायड यूजर्स के कॉल और टेक्स्ट डेटा बिना उनकी अनुमति के सुरक्षित नहीं रखते हैं और कहा है कि यह चलन 'व्यापक रूप से' है और यूजर्स के पास अनुमति नहीं देने का विकल्प होता है। फेसबुक ने कई मीडिया रिपोर्टों की प्रतिक्रिया में यह बात कही है। इन मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था फेसबुक अपने यूजर्स के कॉल और टेक्स्ट डेटा सालों से जमा करती आ रही है।
तीसरे पक्ष को नहीं बेचा जाता है डेटा
हालांकि, फेसबुक के प्रवक्ता का कहना है कि कॉल लॉग को सुरक्षित रखने का चलन व्यापक है, जोकि आपके फोन कांटैक्ट को अपलोड करने पर बनता है। फेसबुक ने यह भी कहा कि यूजर्स की सूचनाओं को सुरक्षित ढंग से संग्रहित किया जाता है और किसी तीसरे पक्ष को इसे बेचा नहीं जाता है। फेसबुक ने कहा कि आप फेसबुक के साथ जो भी साझा करते हैं, उस पर हमेशा आपका नियंत्रण होता है। आपको बता दें कि प्रौद्योगिकी वेबसाइट आर्क्स टेक्निका ने कहा है कि एंड्रायड सेलफोन यूजर्स ने ध्यान दिया है कि फेसबुक उनके निजी कॉल के आंकड़े सुरक्षित रखता जा रहा है।
5 करोड़ यूजर्स का डाटा हुआ था लीक
आपको बता दें कि बीते सप्ताह लंदन की कंसल्टिंग कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी की ओर से फेसबुक के 5 करोड़ यूजर्स का डेटा लीक करने की बात सामने आई थी। इसमें कहा गया था कि इस डेटा को 2016 में अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में इस्तेमाल किया गया था। इस खबर के सामने आने के बाद दुनियाभर में हड़कंप मच गया था। इसको लेकर भारत में भी भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच घमासान मचा था।
डेटा लीक के बाद फेसबुक को नुकसान
जब से डेटा लीक की खबर दुनिया भर में फैली है तब से फेसबुक को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। पिछले सप्ताह फेसबुक के शेयरों में भी भारी गिरावट देखी गई थी। इसके बाद से ही फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग परेशान हो गए थे। जकरबर्ग इसी नुकसान को देखते हुए पिछले सप्ताह भी माफी मांगी थी। माना जा रहा है कि कंपनी को हो रहे नुकसान को देखते हुए जकरबर्ग ने ब्रिटिश के अखबारों में माफीनामा छपवाया है।
Published on:
26 Mar 2018 04:55 pm
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