
हड़ताल पर गए हजारों बस चालक, घर से संभलकर निकलें
नई दिल्ली। 700 बसों को किराए पर लेकर चलाने और मोटर व्हीकल संशोधन बिल 2017 का विरोध कर रहे हरियाणा रोडवेज के हजारों कर्मचारी मंगलवार सुबह से हड़ताल पर चले गए। इससे हरियाणा रोडवेज की करीब 4 हजार बसें सड़क पर नहीं उतरीं। बसों ने नहीं चलने से हरियाणा के प्रमुख चंडीगढ़, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, बहादुरगढ़, रोहतक, पानीपत, करनाल आदि में लोगों को सुबह से ही परेशान होना पड़ा। बसें नहीं चलने का कारण सबसे ज्यादा परेशानी नौकरीपेशा लोगों को काम पर जाने में हुई। इसके अलावा कॉलेज स्टूडेंट भी बसें नहीं चलने के कारण समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाए।
ये हैं कर्मचारियों की मांगें
हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी 700 बसों को ठेके पर लेने और मोटर व्हीकल संशोधन बिल 2017 का विरोध कर रहे हैं। इसी को लेकर कर्मचारियों ने 7 अगस्त को प्रदेशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने भी समर्थन कर दिया है। कर्मचारी नेताओं का कहना है नए मोटर व्हीकल बिल में वाहन चालकों पर सजा औऱ जुर्माने को कई गुना बढ़ा दिया है। सरकार इस बिल को पास होने से पहले ही लागू करने को उतावली हो रही है। इसी उतावलेपन में सरकार ने 700 बसों को ठेके पर लेने का फैसला किया है। यह रोडवेज कर्मचारियों को हटाने जैसी साजिश है। एक तरफ सरकार ने नई बसों की मांग कर रही है, दूसरी ओर सरकार निजी बसें ठेके पर लगाकर सरकारी कर्मचारियों के सामने समस्या खड़ी कर रही है। इसको किसी भी हाल में सहन नहीं किया जाएगा। साथ ही कर्मचारी हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी बचाने की मांग कर रहे हैं।
7 अगस्त को निकालेंगे मशाल जुलूस
सरकार की ओर से मांगें नहीं माने जाने की स्थिति में रोडवेज कर्मचारियों ने लंबी लड़ाई लड़ने का एेलान किया है। कर्मचारी नेताओं का कहना है हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी बचाने के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठाती है तो 9 अगस्त को प्रदेश के सभी जिलों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद भी सरकार कर्मचारियों के हित में कोई कदम नहीं उठाती है तो 20 अगस्त को प्रदेशभर के रोडवेज कर्मचारी विधानसभा का घेराव करेंगे।
Published on:
07 Aug 2018 10:58 am
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