23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

India ने दिया China को झटका, अब इस सामान के Import पर लगाया जाएगा Ban

पॉवर मिनिस्टर आरके सिंह ने दिया जवाब पॉवर उपकरण के इंपोर्ट पर लगाया जाएगा बैन चीनी बिजली उपकरणों में मालवेयर व ट्रोजन हॉर्स जैसे वायरस से साइबर हमले की आशंका

2 min read
Google source verification
india china

India shocks China, now ban on import of power equipment goods

नई दिल्ली। भारत चीन टेंशन ( India China Tension ) के बीच भारत सरकार ( Government of India ) ने चीन को बड़ा झटका देने की तैयारी में है। केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह ( Union Power Minister RK Singh ) ने संकेत दिया है कि चीन से आने वाले सभी बिजली उपकरणों के इंपोर्ट पर बैन ( Ban on Import of Power Equipment ) लगाया जाएगा। शुक्रवार को राज्यों के बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों के साथ वार्ता करते हुए आरके सिंह ने साफ किया कि चीन और पाकिस्तान से पॉवर इक्विपमेंट के इंपोर्ट ( Import of Power Equipment ) को अब परमीशन नहीं मिलेगी। कुछ दिनों पहले सरकार ने फैसला किया था कि चीन से भारत आने वाले बिजनी उपकरणों की जांच होगाी क्योंकि आशंका है कि चीन इन बिजली उपकरणों के मालवेयर व ट्रोजन हॉर्स जैसे वायरस के जरिये साइबर हमला कर सकते हैं। जिससे भारत के इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड को फेल करने की साजिश रची जा सकती है और इकोनॉमी को नुकसान हो सकता है।

देश में महंगे होने जा रहे हैं कपड़े, सामने आई चौंकाने वाली वजह

भारत में हो रही है मैन्युफैक्चरिंग
आरके सिंह ने कहा कि भारत में पॉवर उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग हो रही है। ऐसे में बाहर े देशों से सामान मंगाने की जरुरत नहीं है। अगर किसी समान के आयान की जरुरत होती भी है तो वो काफी सीमित दायरे में होगी। केंद्रीय मंत्री की ओर से कुछ दिन पहले कहा गया था कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि पॉवर उपकरणों में ऐसे वायरस इंस्टॉल किए जा सकते हैं, जिन्हें कहीं से भी एक्टिव किया जा सकता है।

Corona Vaccine बनाने जा रही Zydus Cadila के Shares में जबरदस्त उछाल, कमाई का बड़ा मौका

इकोनॉमी को किया जा सकता है ठप
उन्होंने कहा था कि इन वायरस की वजह से पूरे पॉवर सेक्टर को बर्बाद किया जा सकता है। जिसकी वजह से इकोनॉमी को बड़ा नुकसान होने की संभावना है। जिसकी वजह से सेक्ट की संवेदशीलता को देखते हुए जो भी उपकरण भारत में बनते हैं, उन्हें देश से ही खरीदा जाएगा। इसके अलावा जो उपकरण नहीं बनते हैं उन्हें आयात किया जाएगा लेकिन वायरस को लेकर पूरी जांच की जाएगी।