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रुचि सोया को खरीदने की तैयारी में पतंजलि आयुर्वेद, लगार्इ 4000 करोड़ रुपए की बोली

बाबा रामदेव की अगुवार्इ वाली पतंजलि की नजर अब दिवालिया हो चुकी रुचि सोया के अधिग्रहण पर है।

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Baba Ramdev

नर्इ दिल्ली।योग गुरू से बिजनेस गुरू बने बाबा रामदेव लगातर अपने बिजनेस पतंजलि आयुर्वेद को बढ़ाने की कोशिश में लगे हुए है। बाबा रामदेव की अगुवार्इ वाली पतंजलि की नजर अब दिवालिया हो चुकी रुचि सोया के अधिग्रहण पर है। रुचि सोया के अधिग्रहण के लिए पतंजलि आयुर्वेद ने 4,000 करोड़ रुपए की बोली लागर्इ है। पतंजलि के अलावा रुचि सोया के अधिग्रहण के लिए अडाणी विल्मर, इमामी एग्रीगेट अौर गोदरेज ने भी बोली लगार्इ है। बता दें कि खाद्य तेल की रिफाइनिंग आैर पैकेजिंग के लिए पतंजलि ने पहले ही रुचि सोया के साथ करार किया है।

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रुचि सोया पर 12,000 करोड़ रुपए का कर्ज

इंदौर में अाधारित रुचि सोया फिलहाल दिवालिया प्रक्रिया का सामना कर रही है आैर इसपर कुल 12,000 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। रुचि सोया के पास न्यूट्रेला, महाकोष, सनरीच, रुचि स्टार आैर रुचि गोल्ड जैसे ब्रांड शामिल हैं। इस कंपनी के कर्इ विनिर्माण संयंत्र है। खबरों के मुताबिक पतंजलि ने रुचि सोया के अधिग्रहण के लिए 4,000 कराेड़ रुपए की बोली लगार्इ है।


इसलिए पतंजलि ने लगार्इ बोली

पिछले हफ्ते ही पतंजलि के एक प्रवक्ता ने बताया था कि कंपनी ने रुचि सोया के लिए पतंजलि ने इसलिए बोली लागर्इ क्योंकि वह खाद्य तेल, विशेषकर सोयाबीन तेल में एक प्रमुख कंपनी बनना चाहती है। इसके साथ ही कंपनी किसानों के हित में भी बात करना चाहती है। रुचि सोया के लिए बोली लगाने वाली दूसरी कंपनियों ने अपनी बोली की रकम के बारे में कोर्इ खुलासा नहीं किया।

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दिसंबर 2017 में रुचि सोया पर शुरु हुर्इ थी दिवालिया प्रक्रिया

गौरतलब है कि दिसंबर 2017 में रुचि सोया पर काॅर्पोरट इंसाॅल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत दिवालिया प्रकिया की शुरूआत की गर्इ थी। इसके लिए शैलेंन्द्र अजमेरा को अंतरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशन (IRP) के तौर पर नियुक्त किया गया था। ये नियुक्ति नेशनल कंपनी लाॅ ट्रीब्यूनल (NCLT) ने किया था, जिसके लिए उधारकर्ता स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक आैर डीबीएस बैंक लिमिटेड ने दिवालिया कानून के अंतर्गत अप्लार्इ किया था।