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देश का प्लास्टिक निर्यात 31.6 फीसदी बढ़ा

दि प्लास्टिक एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल ने पहली छमाही के नतीजे घोषित किए।

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नई दिल्ली। चालू वित्त की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर) में देश के प्लास्टिक निर्यात में 31.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, जोकि 4.59 अरब डॉलर रही, जबकि वित्त वर्ष 2017-18 की समान अवधि में यह 3.48 अरब डॉलर थी। दि प्लास्टिक एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल (प्लेक्सकौंसिल) ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी। कौंसिल ने बताया कि समीक्षाधीन अवधि में अन्य वस्तुओं की तुलना में प्लास्टिक के निर्यात की वृद्धि दर अधिक रही। वित्त वर्ष 2018-19 की पहली छमाही के दौरान देश के कुल निर्यात में 12.5 फीसदी की वृद्धि हुई, जोकि 164.04 अरब डॉलर रहा, जबकि इसके पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान यह 145.75 अरब डॉलर था।

देश के कुल निर्यात में प्लास्टिक की हिस्सेदरी 2.80 फीसदी

प्लेक्सकौंसिल के मुताबिक, वित्त वर्ष 2018-19 की पहली छमाही में देश के कुल निर्यात में प्लास्टिक की हिस्सेदारी 2.80 फीसदी रही। चीन, वियतनाम और मेक्सिको की तरफ से भारतीय प्लास्टिक की मांग में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई, जिसमें 70 फीसदी से 140 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्लेक्सकौंसिल के अध्यक्ष रवीश बी. कामथ ने कहा कि देश से सबसे ज्यादा प्लास्टिक का निर्यात चीन, अमरीका और संयुक्त अरब अमीरात को किया जाता है, जोकि देश के कुल निर्यात का 27.5 फीसदी है। साथ ही कई और देशों से भी मांग देखने को मिल रही है, जिसमें गुयाना, गुआम, किरिबाटी रिपब्लिक, लेसोथो, मार्शल आइलैंड, मेयोटे, मोनाको, नाउरु रिपब्लिक और युनाइटेड स्टेट्स वर्जीन आइलैंड्स प्रमुख हैं।