
मिशन 2019: लोकसभा चुनावों से पहले 50 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स की सौगात देगी रेलवे
नई दिल्ली। मिशन 2019 में जुटी केंद्र की मोदी सरकार जीत दर्ज करने के लिए कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। आगामी चुनावों को लेकर केंद्र सरकार के सभी मंत्रालय जी जान से जुटे हैं। अब मिशन 2019 को लेकर रेलवे ने भी अपनी कमर कस ली है। रेलवे चुनावों से पहले 50 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स पूरे करने में जुट गई है। इन प्रोजेक्ट्स में रेलवे स्टेशनों का अपग्रेडेशन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की शुरुआत, स्टेशनों और प्रीमियम ट्रेनों में सीसीटीवी लगाना और पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन लॉन्च करना है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इन प्रोजेक्ट्स को अप्रैल 2019 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन कार्यों के पूरा होने का बाद लोगों को रेलवे में एक बड़ा बदलाव दिखेगा। आइए आपको बता दें कि रेलवे किन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है---
रेलवे स्टेशनों का अपग्रेडेशन
भारत में अधिकांश बड़े रेलवे स्टेशन आजादी से पहले के बने हुए हैं। अब यह रेलवे स्टेशन मौजूदा जरूरतों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। इसलिए रेलवे ने करीब 70 रेलवे स्टेशनों को अपग्रेड करने का फैसला किया है। इन रेलवे स्टेशनों का अप्रैल 2019 से पहले अपग्रेडेशन किया जाना है। जिन रेलवे स्टेशनों को अपग्रेड किया जाना है उनमें दिल्ली, पुणे, बेंगलुरु, शिमला, मथुरा, वलसाड, अंबाला, वाराणसी, देहरादून समेत कई अन्य बड़े स्टेशन शामिल हैं।
रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी लगाना
देश में बड़ी संख्या में रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी सिस्टम नहीं हैं, इस कारण अपराध समेत अन्य अवांछित गतिविधियों पर रोक नहीं लग पा रही है। एेसे में रेलवे ने बड़े स्टेशनों पर सीसीटीवी सिस्टम लगाने की योजना बनाई है। इसके अलावा करीब 170 प्रीमियम ट्रेनों में भी सीसीटीवी सिस्टम लगाए जाने हैं। सीसीटीव लगाने के लिए इस महीने के अंत तक टेंडर जारी किया जा सकता है। इस काम को छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सेमी हाईस्पीड ट्रेन की शुरुआत
लंबे समय से प्रतीक्षित देश की पहली हाईस्पीड ट्रेन के परीक्षण को लेकर भी रेलवे गंभीर दिख रहा है। रेलवे सितंबर तक सेमी हाईस्पीड ट्रेन का पटरी पर परीक्षण कर सकती है। परीक्षण के बाद 2019 से यह ट्रेन राजधानी ट्रेनों की जगह लेगी। आपको बता दें कि सेमी हाईस्पीड ट्रेन चुनिंदा रूट्स पर चलाई जाएगी और इसकी स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट
पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना बुलेट ट्रेन के निर्माण को लेकर भी रेलवे गंभीर है। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य अगले साल यानी जनवरी 2019 से शुरू हो सकता है। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है और इसके दिसंबर 2018 तक पूरा होने की उम्मीद है। आपको बता दें कि देश की पहली बुलेट ट्रेन गुजरात के अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलेगी। इस रूट की लंबाई 534 किलोमीटर होगी।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पहले चरण की शुरुआत
करीब 3300 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की शुरुआत को लेकर रेलवे ने तैयारी शुरू कर दी है। दिसंबर तक इस कॉरिडोर के पहले चरण का कार्य पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद अगले साल चुनाव से पहले इस कॉरिडोर के कुछ सेक्शन को शुरू किया जा सकता है।
Published on:
24 Aug 2018 01:10 pm
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