
नई दिल्ली। बुधवार को काफी दिनों के बाद सरकार को अच्छी खबर सुनने को मिली। खासकर आर्थिक मंदी ( Financial crisis ) और कमजोर अर्थव्यवस्था के दौर में इस तरह की खबर सरकार को काफी राहत दे सकती है। वास्तव में नए कांट्रैक्ट और गतिविधियां बढऩे की वजह से सर्विस सेक्टर ( Service sector ) में तेजी देखने को मिली है। आंकड़ों के अनुसार सेक्टर तीन महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया है। आंकड़ों के अनुसार निक्केई/आईएचएस मार्केट सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स ( Nikkei / IHS Market Services Purchasing Managers Index ) नवंबर में बढ़कर 52.7 पर आ गया। जो अक्टूबर के महीने में में 49.2 पर था। 50 से ऊपर का आंकड़ा विस्तार का द्योतक है। वहीं इससे नीचे का आंकड़े को गिरावट का संकेतक माना जाता है।
आईएचएस मार्केट की चीफ इकोनॉमिस्ट पॉलीआना डे लिमा के अनुसार सर्विस सेक्टर की वृद्धि दर में तेजी का प्रमुख कारण नए कॉन्ट्रैक्ट में बढ़ोतरी है। जिसने न सिर्फ सर्विस सेक्टर को ग्रोथ दिया, बल्कि रोजगार को भी बढ़ाने का काम किया। डिमांड के बारे में बताने वाला एक सब-इंडेक्स अक्टूबर के 50.1 से बढ़कर नवंबर में 53.2 पर पहुंच गया, जिसकी वजि से सर्विस सेक्टर तीन महीने में सबसे तेज गति से रोजगार बढ़ाने को उत्साहित हुआ।
रिपोर्ट की मानें तो कंज्यूमर सर्विसेज, इंफोर्मेशन एंड कम्यूनिकेशन और रियल एस्टेट एंड बिजनस सर्विसेज में तेजी से सर्विस सेक्टर क्षेत्र की गतिविधियों में विस्तार दर्ज हुआ। ट्रांसपोर्ट एंड स्टोरेज तथा फाइनेंस एंड इंश्योरेंस कंपनियों की गतिविधियों में गिरावट दर्ज की गई। फाइनेंस और इंश्योरेंस छोड़कर सर्विस सेक्टर की दूसरी कंपनियों में रोजगार में नवंबर में वृद्धि देखी गई।
Updated on:
04 Dec 2019 02:06 pm
Published on:
04 Dec 2019 02:05 pm
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