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आदर्श किराया कानून क्या है? किराएदारों को कैसे मिलेगा इसका फायदा, जानिए पूरी जानकारी

-Adarsh Rent Act: मोदी सरकार ( PM Modi ) अगले महीने आदर्श किराया कानून ( Adarsh Kiraya Kanoon ) लेकर आ रही है। -इस कानून के तहत किरायेदारों ( Tenants ) और मकान मालिकों ( Landlord ) को कई झंझटों से मुक्ति मिलेगी। -आदर्श किराया कानून को मंजूरी मिलने के बाद इसे राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को भेजा जाएगा, ताकि राज्य में भी इस कानून को लागू किया जा सके।

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आदर्श किराया कानून क्या है? किराएदारों को कैसे मिलेगा इसका फायदा, जानिए पूरी जानकारी

नई दिल्ली।
Adarsh Rent Act: मोदी सरकार ( pm modi ) अगले महीने आदर्श किराया कानून ( Adarsh Kiraya Kanoon ) लेकर आ रही है। इस कानून के तहत किरायेदारों ( Tenants ) और मकान मालिकों ( Landlord ) को कई झंझटों से मुक्ति मिलेगी। आदर्श किराया कानून को मंजूरी मिलने के बाद इसे राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को भेजा जाएगा, ताकि राज्य में भी इस कानून को लागू किया जा सके। बता दें कि मकान मालिकों और किराएदारों के बीच होने वाले तमाम विवादों को खत्म करने के उद्देश्य से आदर्श किराया कानून का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। सरकार का कहना है कि एक महीने में आदर्श किराया कानून को मंजूरी मिल जाएगी।

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किरायेदारों के हितों की होगी रक्षा
आवास और शहरी मामलों के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि जल्द ही किराया कानून में बदलाव किया जाएगा। इसे विभिन्न राज्यों में वर्तमान किराया कानून किरायेदारों के हितों की रक्षा के हिसाब से बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार 1.1 करोड़ घर खाली पड़े हैं। इसका कारण है कि लोग उन्हें किराए पर देने से डरते हैं। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि एक वर्ष के भीतर हर राज्य इस आदर्श कानून को लागू करने के लिए जरूरी प्रावधान करें।

लोगों को होगा फायदा
Adarsh Rent Act के तहत खाली फ्लैटों में से 60-80 प्रतिशत किराये के बाजार में आ जायेंगे। उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट डेवलपर्स अपने नहीं बिक पाए घरों को किराए के आवास में भी बदल सकते हैं। आपको बता दें कि मंत्रालय ने जुलाई 2019 में आदर्श किराया कानून का मसौदा जारी किया था। इसमें प्रस्ताव रखा गया था कि किराये में संशोधन करने से तीन महीने पहले भूस्वामियों को लिखित में नोटिस देना होगा। इसमें जिला कलेक्टर को किराया अधिकारी के रूप में नियुक्त करने और किरायेदारों पर समय से अधिक रहने की स्थिति में भारी जुर्माना लगाने की वकालत की गई है। आवास मंत्रालय ने देश में इस योजना को लागू करने के लिये पिछले महीने दिशानिर्देश जारी किये हैं।

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