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शहर में अवैध नल कनेक्शनों की हो रही जांच, 1.37 लाख रुपए की हुई वसूली

नपा ने कराई शहर में मुनादी, शहर में अवैध नल कनेक्शन के लिए वार्डों में पहुंच रहा नपा का अमला  

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Investigation into illegal tap connections in the city, recovery of Rs 1.37 lakh

Investigation into illegal tap connections in the city, recovery of Rs 1.37 lakh

इटारसी.

नपा की पाइपलाइन से अवैध नल कनेक्शन जोडकऱ पानी का उपयोग करने वालों से अब वसूली की जा रही है। अभियान के तहत अभी तक अवैध नल कनेक्शनों को वैध करके नपा ने 1 लाख 37 हजार 700 रुपए का राजस्व अर्जित किया है। इसके अलावा वार्डों में घूम रहे राजस्व अमले ने 3 लाख 15 हजार रुपए का टैक्स भी वसूला है।

नगरपालिका ने शहर के सभी वार्डों में अवैध नल कनेक्शनों की जांच के लिए मुनादी कराई है। उल्लेखनीय है कि शहर के सभी वार्डों में 12 हजर 200 घरेलू और 76 व्यवसायिक नल कनेक्शन है। नपा हर महीने घरेलू नल कनेक्शनों से 100 और व्यवसायिक नल कनेक्शनों से 300 रुपए जलकर की वसूली करती है। नपा के जांच दल द्वारा अवैध नल कनेक्शन को राशि लेकर वैध करने की कार्रवाई के साथ ही बकाया जल और संपत्तिकर की वसूली भी की जा रही है।

नपा जलकर शाखा के संजय दुबे ने बताया कि अवैध नल कनेक्शनों को वैध करने के साथ ही जल और संपत्तिकर की बकाया वसूली भी की जा रही है। सामान्य राशन कार्डधारी परिवार से अवैध नल कनेक्शन को वैध करने के लिए 1300 रुपए और गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों से 800 रुपए शुल्क लिया जा रहा है।

भूमिपूजन के बाद भी नहीं बनी पानी टंकी-

जल आवर्धन योजना में शामिल नाला मोहल्ला में पानी टंकी बनाने का काम अब तक शुरू नहीं किया गया। जबकि टंकी निर्माण के लिए भूमिपूजन तक किया जा चुका है। जल आवर्धन योजना से शहर में पांच पानी की टंकी का निर्माण होना था। जिसमें से जनता स्कूल आसफाबाद, सरकारी अस्पताल परिसर, कमला नेहरू पार्क और पुरानी इटारसी सूखा सरोवर मैदान में पानी टंकी बनाई जा चुकी है। नाला मोहल्ला में पानी टंकी का निर्माण नहीं कराया गया। जिससे इस क्षेत्र में पेयजल की समस्या बनी हुई है।

धोखेड़ा से हो रही जलापूर्ति-

शासन ने भूमिगत जल का उपयोग कम करने के उद्देश्य से नगरपालिका को 21 करोड़ रुपए की जल आवर्धन योजना को मंजूरी दी गई थी। योजना का काम पूरा होने के बावजूद धोखेड़ा ही शहर की जलापूर्ति का मुख्य स्त्रोत बना हुआ है। यहां नपा का पंप हाउस है। जिसमें लगी मोटरों से पानी लिफ्ट करके पाइपलाइन के जरिए पूरे शहर के वार्डों में सप्लाई किया जाता है। भारी वाहनों के दबाव से शहर में बिछाई गई पीने के पानी की पाइपलाइनों में सुराख हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि धोखेड़ा से शहर में घरों तक पानी पहुंचाने के लिए बिछाई गई पाइपलाइन करीब 42 साल पुरानी है। यही वजह है जगह-जगह से पाइपलाइन लीकेज हो जाती है।