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विराट कवि सम्मेलन में रसभरी कविताओं से भावविभोर हुये श्रोता

विराट कवि सम्मेलन में रसभरी कविताओं से भावविभोर हुये श्रोता

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Listeners were enthralled with the luscious poems at the Virat Kavi Sammelan.Listeners were enthralled with the luscious poems at the Virat Kavi Sammelan.

Listeners were enthralled with the luscious poems at the Virat Kavi Sammelan.

इटारसी। कावेरी स्टेट स्थित श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में श्री आदिनाथ जयंती के अवसर पर संत शिरोमणि विद्यासागर महाराज की पावन पुण्य स्मृति में विराट कवि सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। विविध विषयों पर आधारित रसभरी कविताएं सुनकर बडी संख्या में उपस्थित श्रोता भाव विभोर हो गये ।
कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य विद्यासागर जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। समाज के वरिष्ठजन मुकेश कुमार जैन, अरविन्द कुमार जैन एडवोकेट, महावीर जैन समिति के अध्यक्ष संजय जैन, सचिव जिनेद्र जैन, आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के स्वागताध्यक्ष अरविन्द जैन (आरएमएस), सचिव नीलेश जैन, शांतिनाथ जिनालय के अध्यक्ष अरुण गोयल, पाश्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के पीयूष जैन तथा तारण तरण जिनालय के अध्यक्ष अतुल व कविगणों गुरूवर को दीपक जलाकर व पुष्प अर्पित कर श्रध्दांजलि दी।
कविता की शुरूआत हुई राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवयित्री प्रमिला किरण द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से। प्रमिला किरण ने संत शिरोमणि विद्यासागर महाराज को भी अपना छंद समर्पित कर आदरांजलि दी। इसके बाद आल्हा तर्ज पर समायिक संदर्भों में कविता गाकर लोकप्रिय हो रहे युवा कवि सुनील सांवला ने अपने अनोखे अंदाज पर खूब तालियाँ बटोरी। व्यंग्यकार सुभाष भारती ने अपने तीखे व्यंग्यों से सामाजिक विसंगतियों पर चोट करते हुये अंत में कहा -जिससे कायम हो सके फिर से भाईचारा, सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा।
सुभाष यादव भारती के बाद कवयित्री रवि जैन ने आचार्य श्री पर बहुत अच्छी कविता सुनाई। संचालक कवि पवन प्रबल ने हंसाते गुदगुदाते हुये कविता जोड़े रखा, साथ ही अपना क्रम आने पर अपनी कविताओं से भी खूब वाह वाही लूटी - जीवन है संग्राम बताकर चले गये। कर्तव्यों के नाम बनाकर चले गये, रिश्ते नाते क्या होते है दुनिया में। रामायण में राम बताकर चले गये।
इटारसी नगर को गौरवान्वित करने वाले अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि राजेन्द्र मालवीय आलसी ने अपने अनूठे अंदाज में जहां श्रोताओं को हंसाया गुदगुदाया वही कुछ चिंतन पूर्ण काव्य पंक्तियों से सभी का दिल जीतकर तालियां भी बटोरी -उम्र के फूल सुखेंगे, बिखर जायेगे। क्या पता इन हवाओं में किधर जायेंगे, याद रह जायेंगे बस यही दो चार पल जो आपके साथ मोहब्बत में गुजर जायेंगे। कार्यक्रम के समापन पर दीपक जैन द्वारा मंदिर की ओर से आभार प्रकट किया गया।

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