- राजस्व विभाग ने जारी की गाइडलाइन : पूर्व में जारी भू-अधिकार पुस्तिका यथावत प्रचलन में रहेगी, देना होगा तय शुल्क, आधार नंबर नहीं होने पर पटवारी करेंगे सत्यापन.
इटारसी. किसानों को भू-अधिकार पुस्तिका उपलब्ध कराने के लिए राजस्व विभाग ने गाइडलाइन जारी कर दी है। अब नवीन भू-अधिकार पुस्तिका ऑनलाइन में ही जारी होगी। पूर्व में जारी भू-अधिकार पुस्तिका यथावत प्रचलन में रहेगी, परंतु नवीन पुस्तिका ऑनलाइन में ही जारी होगी। इसके लिए भू-अधिकार पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ के 30 रुपए एवं अतिरिक्त प्रति पृष्ठ 15 रुपए शुल्क निर्धारित है।
इटारसी तहसली के राजस्व अधिकारियों ने बताया कि भू-अधिकार पुस्तिका न्यूनतम दो पृष्ठों की होगी। इस प्रकार दो पृष्ठों की भू-अधिकार पुस्तिका की कीमत 45 रुपए निर्धारित है। अतिरिक पृष्ठ जोड़े जाने पर प्रतिपृष्ठ 15 रुपए देय होगा। भू-अधिकार पुस्तिका शुल्क अदा करने पर भूलेख पोर्टल पर आनलाइन, आईटी सेंटर, एमपी ऑनलाइन, लोक सेवा केन्द्र एवं शासन द्वारा प्राधिकृत सेवा प्रदाता से प्राप्त की जा सकेगी।
पहली बार नि:शुल्क दी जाएगी भू-अधिकार पुस्तिका
मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता नियम, 2020 के अनुसार भू-सर्वेक्षण उपरांत प्रथमवार भू-अधिकार पुस्तिका संबंधित भूमिस्वामी को नि:शुल्क प्रदाय की जाएगी। नि:शुल्क दी जाने वाली भू-अधिकार पुस्तिका जारी करने के लिए तहसीलदार को भूलेख पोर्टल पर लागिन कर अपने लागिन से भू-अधिकार पुस्तिका का प्रिंट जारी करने का अधिकार होगा।
अधिकारियों के अनुसार यदि किसान के पास आधार नंबर नहीं है अथवा वह आधार नंबर प्रदाय नहीं कर रहा है तो ऐसी स्थिति में कृषक का फोटो आनलाइन आवेदन करते समय लेकर पटवारी से सत्यापित कराया जाएगा। पटवारी को फोटो तीन कार्यदिवस में सत्यापित करना अनिवार्य होगा। यदि इस अवधि में पटवारी द्वारा कृषक के फोटो को सत्यापित अथवा अमान्य नहीं किया जाता है, तो यह मानकर कि आधार ई-केवायसी से प्राप्त या किसान द्वारा प्रदाय फोटो सही है, भू अधिकार पुस्तिका जारी कर दी जाएगी।
किसानों की सुविधा के लिए नवीन भू-अधिकार पुस्तिका ऑनलाइन जारी होगी। इससे किसानों को फायदा मिलेगा। समय भी बचेगा और पटवारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेगा। हमने राजस्व विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में दिशा- निर्देश जारी कर दिया है।
एमएस रघुवंशी, एसडीएम राजस्व, इटारसी
--
पहले पेज पर डाली जाएगी समग्र आइडी
भू-अधिकार पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ पर संबंधित भूमिस्वामी की समग्र आईडी डाली जाएगी। पुस्तिका पर भूमिस्वामी का फोटो मुद्रित होगा। यदि भूमिस्वामी का प्रकार निजी संस्था है, तो भू-अधिकार पुस्तिका पर समग्र आइडी एवं फोटो की आवश्यकता नहीं होगी। यदि संबंधित कृषक का फोटो भूलेख पोर्टल के डाटाबेस में उपलब्ध है तो उसे भू-अधिकार पर किसान से सत्यापित कराया जाकर मुद्रित कराया जाएगा। यदि किसी किसान का फोटो भूलेख पोर्टल के डाटाबेस में उपलब्ध नहीं होता है अथवा भूलेख पोर्टल पर उपलब्ध फोटो से वह संतुष्ट नहीं होता है, तो संबंधित कृषक के आधार ई-केवायसी के माध्यम से उसे प्राप्त किया जाएगा। इस प्रकार प्राप्त फोटो को संबंधित पटवारी से सत्यापित भी कराया जाएगा।