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शहर में होना है 40 करोड़ के काम, श्रमिक व सामग्री की कमी से प्रोजेक्ट हुए लॉक

- मशीनों के बजाय श्रमिकों से ही निर्माण कार्य कराने के निर्देश।
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इटारसी

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Rahul Saran

•

Updated: 14 Jun 2020, 4:43 PM IST

Labour Day 2019 : 42 डिग्री पारे में मजदूरी, बदलते नियम...कैसे पढ़ाए बच्चों को

Labour Day 2019 : 42 डिग्री पारे में मजदूरी, बदलते नियम...कैसे पढ़ाए बच्चों को

इटारसी। कोरोना के कारण लगा लॉक डाउन भले ही शहर से हट गया हो लेकिन निर्माण सामग्री और श्रमिकों की कमी से विकास कार्य अभी तक लॉक हैं। दूसरे शहरों से जो श्रमिक लौटे हैं वे कोरोना के डर से काम पर नहीं आ रहे हैं जिससे नपा, अस्पताल, कॉलेज आदि में चल रहे विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया है। शहर में लगभग 40 करोड़ के विकास कार्यों में ब्रेक लगा हुआ हैं। इसमें डीएसपीएम अस्पताल, कॉलेज का नया भवन, जल आवर्धन योजना, पुलिस आवास और नाले-नालियां जैसे जरुरी काम शामिल हैं। लॉक डाउन से इन प्रोजेक्टों का लगभग 6 0 फीसदी काम हो गया था। अब बाकी का काम चालू करने में निर्माण एजेंसियों के पसीने छूट रहे हैं।
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बारिश से पहले बनना है नाले
नपा को बारिश शुरू होने से पहले शहर के कुछ वार्डों में नाले- नालियों का निर्माण करना है। इसमें श्रमिकों की समस्या आड़े रही है। नपा के एई आदित्य सिंह ने बताया कि दो करोड़ रुपए का टेंडर हो चुका है। शासन ने मशीनों से ये कार्य करने से मना किया है। इसके लिए कम से कम 50 श्रमिक चाहिए, तभी तय समय सीमा में यह काम पूरा हो सकेगा।
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जल आवर्धन की पाइप लाइन का काम अधूरा
नपा द्वारा जल आवर्धन कार्य के तहत पाइपलाइन बिछाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार करीबन 19 करोड़ की इस योजना से शहर की सवा लाख की आबादी को फायदा मिलेगा। इस प्रोजेक्ट में पाइपलाइन बिछाने का 30 फीसदी काम शेष रह गया। बचे काम को पूरा कराने लगभग दो दर्जन श्रमिकों की आवश्यकता है। मार्च तक पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट अब देर से होगा।
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पुलिस आवास निर्माण में भी लगेगा वक्त
मप्र पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन द्वारा के लिए आजाद नगर और थाने के पीछे लगभग 140 आवास बनाए जा रहे हैं। इसका लगभग 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है लेकिन लॉकडाउन से काम पर ब्रेक लग गया। कार्पोरेशन के इंजीनियर कपिल गंगराडे के अनुसार 19 करोड़ रुपए की परियोजना के बाकी काम के लिए शासन की अनुमति मिल गई लेकिन निर्माण सामग्री और श्रमिक न मिलने से काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
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मुखर्जी अस्पताल के नए भवन पर भी ब्रेक
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल के नए भवन पर भी लॉक डाउन का असर पड़ा है। अधीक्षक डॉ. एके शिवानी ने बताया कि लगभग 4.50 करोड़ रुपए से बनने वाले इस भवन के निर्माण में श्रमिकों की कमी पड़ गई है। तय समय में काम पूरा कराने कम से कम 100 श्रमिक चाहिए। कोरोना के डर से स्थानीय श्रमिक नहीं आ रहे हैं। ऐसे में हम इसे निर्धारित समय पूरा नहीं कर पाएंगे। अभी इसका 6 5 फीसदी काम शेष है।
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कॉमर्स कॉलेज के एक्सटेंशन का काम शेष
उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से शासकीय एमजीएम कॉलेज के कामर्स संकाय के छात्रों की सुविधा के लिए नया भवन निर्मित किया जा रहा है। प्राचार्य डॉ. आरके तिवारी के अनुसार पहले चरण के भवन का काम पूर्ण हो चुका है, लेकिन दूसरे चरण में बन रहे ऑडिटोरियम, ऑफिस और क्लॉस रूम का निर्माण कार्य बंद है। श्रमिक और निर्माण सामग्री मिलने के बाद ही कार्य पुन: आरंभ कर सकेंगे।