होटल की सब्जियों में कैचप का उपयोग, सलाद की प्लेट से टमाटर गायब
बारिश का दौर है बाजार में सब्जी की भी कमी है, ऐसे में हमेशा 20-30 रुपए किलो बिकने वाला टमाटर दोहरी शतक लगा रहा है। बाजार में 200 रुपए किलो तक इसका भाव हो गया है। अब स्थिति यह है कि टमाटर का यह भाव आम लोगों से दूर निकल गया है। अब लोग भी इसे खाने से परहेज कर रहे हैं।
सब्जियों की प्रतिस्पर्धा में हमेशा पीछे रहने वाला टमाटर अब महंगाई की पिच पर शतक पार कर गया है। शहर के बाजार में टमाटर के भाव 200 रुपए किलो तक पहुंच गए। मर्ची और धनिया के भाव भी आसमान छू रहे हैं। जिसकी वजह से होटल संचालकों की मुसीबत बढ़ गई है।
होटलों में टमाटर का उपयोग कम करके कैचप का इस्तेमाल सब्जियां बनाने में किया जा रहा है। इतना ही नहीं सलाद की प्लेट की खूबसूरती बढ़ाने वाला टमाटर भी नदारद हो गया है। शहर के किराना दुकानों और मॉल में पिछले 15 दिनों में टमाटर कैचप, हरी मिर्च का पेस्ट (चिली कैचप) की मांग बढ़ गई है।
जिलेभर में 15 लाख का कारोबार : टमाटर महंगा होने के बाद इसकी खपत में दस प्रतिशत का अंतर आया है। इसके बाद भी महंगे टमाटर का जिले में रोजाना लाखों रुपए का करोबार हो रहा है। थोक सब्जी व्रिकेता अमीन राइन ने बताया कि अभी रोजाना लगभग 200 रुपए किलो टमाटर बिक रहा है। इस तरह प्रतिदिन लगभग 15 लाख रुपए का करोबार होता है।
नर्मदापुरम में सब्जियों के दाम
लहसुन - 160 रुपए
टमाटर - 120-140 रुपए
मिर्ची - 120 रुपए
धनिया - 120 रुपए
फूलगोभी - 80 रुपए
(नोट- कीमत प्रति किलो।)
ऐसे बन रही होटलों में सब्जियां
टमाटर, धनिया और हरी मिर्च के दाम में जबरदस्त उछाल के बाद शहर के होटल संचालकों ने रेट तो नहीं बढ़ाए, लेकिन उसका विकल्प तलाश लिया है। एक होटल संचालक ने बताया कि पनीर की सब्जी में तो टमाटर कैचप का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन दाल व अन्य सब्जियों में इसका उपयोग नहीं कर सकते। इसलिए इनमें टमाटर की मात्रा कम कर दी गई है।