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देशज में दर्शकों ने देखा गुदुम बाजा, लमबाड़ी, झिझिया, बीहू

इटारसी के गांधी मैदान में देशज का आयोजन

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Viewers saw Gudum Baja, Lambadi, Jhijhiya, Bihu in the country, deshaj 2019, itarsi

Viewers saw Gudum Baja, Lambadi, Jhijhiya, Bihu in the country, deshaj 2019, itarsi

इटारसी. भारत की पारंपरिक, लोक एवं जनजातीय अभिव्यक्तियों का उत्सव देशज का शुभारंभ शनिवार से हुआ। गांधी स्टेडियम में आयोजित इस समारोह का शुभारंभ अतिथि सांसद उदय प्रताप सिंह, विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, नपा अध्यक्ष सुधा अग्रवाल, सीएमओ हरिओम वर्मा ने किया।

कार्यक्रम में सबसे पहले लोक एवं सूफी ग्रुप अमृतसर की बाबा सिस्टर्स ग्लोरी बाबा एवं लाची बाबा ने प्रस्तुति दी। दोनों पंजाब की प्रसिद्ध लोक गायिका हैं।

- दूसरा आयोजन आदिवासी धुलिया जनजातीय सांस्कृतिक लोक नृत्य दल डिंडोरी द्वारा पेश किया गया। इसमें गुदुम बाजा की प्रस्तुति हुई। गुदुम बाजा ढुलिया जनजाती का नृत्य है जो जन्म, मृत्यु, विवाह एवं पूजा अनुष्ठान के वक्त प्रयोग किया जाता है। यह इनका पारंपरिक वाद्य है। प्रत्येक नर्तक की कमर के सामने गुदुम बाजा बंध रहता है जिसे नर्तक नृत्य शैली के अनुसार डगर चली, माता पार, दौड़, घुमक, तालबंद, कहरबा और लहकी की धुनों को बजाकर नृत्य करते हैं।

- तीसरा तेलंगाना का लमबाड़ी नृत्य हुआ। इसे चंदना जनपद नृत्य एकेडमी हैदराबाद द्वारा प्रस्तुत किया गया। यह तेलंगाना और आंध्रप्रदेश का प्रसिद्ध आदिवासी नृत्य है जो बंजारा या सेंगाली जनजाति समुदाय द्वारा किया जाएगा।
- चौथी प्रस्तुति झिझिया नृत्य, बिहार की होगी। इसमें विक्रांत कुमार एवं दल मधुबनी द्वारा यह नृत्य पेश किया गया। यह बिहार का लोकनृत्य है जो दुर्गा पूजा के अवसर पर किया जाता है।

- सिलापथर पूर्व ज्योति संघ घेमाजी असम द्वारा बिहू नृत्य प्रस्तुत किया गया। बिहु युवक-युवतियों का सामूहिक नृत्य है जिसमें तेजी से कदम उठाना, हाथों का उछालना और चुटकी बजाकर कमर मटकाना इस नृत्य की विशेषता है।

- मप्र का बधाई नृत्य लोक दर्पण पारंपरिक एवं समकालीन कलारूपों का संस्थान सागर द्वारा प्रस्तुत किया गया। यह तीज-त्योहारों, जन्मदिन, विवाह आदि मांगलिक अवसरों पर शीतला माता की आराधना में किया जाता है।