फिरौती लेकर बच्चे की हत्या करने में बड़े लोगों का हाथ, पुलिस पर भडक़े परिजन

कारोबारी परिवार और संजीवनी नगर टीआई में कहासुनी

By: Lalit kostha

Published: 21 Oct 2020, 11:15 AM IST

जबलपुर। कारोबारी के बेटे आदित्य लाम्बा के अपहरणकांड में पुलिस की बड़ी चूक की पोल मंगलवार को पीडि़त परिवार ने खोली। आदित्य के बड़े पिता ने पुलिस की जांच और फिरौती प्रकरण को हैंडल करने के तरीके पर गम्भीर सवाल खड़े गए। आरोप लगाया कि आदित्य के अपहण की सूचना महज 25 मिनट के अंदर चौकी में दी गई, लेकिन शिकायत दर्ज करने में देरी की गई। अपहरणकर्ता 20 घंटे तक सडक़ों पर घूमते रहे, फिर भी पुलिस घेराबंदी नहीं कर पाई। इस अपहरण-फिरौती के मामले में कोई बड़ा चेहरा शामिल है, जिसे बचाया जा रहा है। यह चेहरा सामने न आए, इसलिए मुख्य आरोपी को रास्ते से हटा दिया गया।

पुलिस पर फूटा आदित्य के परिजन का गुस्सा, कहा-हत्या के पीछे और भी लोग

 

आदित्य के पिता मुकेश लाम्बा के बड़े भाई मान सिंह लाम्बा ने ‘पत्रिका’ से दर्द साझा किया। बताया कि आदित्य के अपहरण और फिरौती का कॉल 15 मिनट के अंदर आ गया था। 10 मिनट में वे चौकी पहुंच गए। वहां टीआई भी पहुंचीं। वे लापता की शिकायत दर्ज करने पर जोर दे रही थीं। शिकायत दर्ज करने में देरी की। जबकि उनके सामने ही अपहरणकर्ता का दूसरा कॉल आया था। इसके बाद पुलिस उनके ही कर्मचारियों का डिटेल लेने और पूछताछ में जुट गई। जबकि, अपहरणकर्ताओं की कार ट्रैस हो गई थी।

पल-पल की लग रही थी जानकारी- मुकेश ने कहा, अपहरकर्ताओं को पल-पल की उनके परिवार और शिकायत करने की जानकारी मिल रही थी। चौकी में पहुंचते ही अपहरणकर्ताओं ने फोन कर कहा कि मना करने के बाद कैसे पुलिस के पास पहुंच गए? इससे साफ है कि इस अपहरण में कोई बड़ा और स्थानीय चेहरा है। कार भी एक पुलिस वाले की बताई जा रही है। आखिर उसकी भूमिका क्या है?

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पूर्व विधायक के सामने टीआई पर फूटा गुस्सा- रात में पूर्व विधायक हरेंद्रजीत सिंह बब्बू और संजीवनी नगर टीआई भूमेश्वरी चौहान मौके पर पहुंचीं। आक्रोशित परिजन ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए। बताया जा रहा है इस पर टीआई भडक़ गईं। प्रतिक्रिया में लाम्बा परिवार की महिलाएं और मोहल्ले के लोग भी एकत्र हो गए। टीआई के रवैए पर कहासुनी हो गई। इसके बाद टीआई गुस्से में चली गईं।

ये थी घटना
शहर के धनंवतरि नगर एमआइजी निवासी मुकेश लाम्बा का ट्रांसपोर्ट और माइनिंग-ब्लास्टिंग का कारोबार है। उनके बेटे आदित्य को 15 अक्टूबर की शाम छह बजे अगवा किया। अपहरणकर्ताओं ने दो करोड़ की फिरौती मांगी। 16 अक्टूबर को रात 11 बजे आठ लाख फिरौती की रकम वसूलने से पहले उसकी हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया था। शनिवार रात पनागर से तीनों आरोपी राहुल, मलय राय और करण जग्गी गिरफ्तार हुए। उनकी निशानदेही पर रविवार को पनागर के बिछुआ गांव स्थित नहर में आदित्य का शव मिला। इस मामले के मुख्य आरोपी की रविवार शाम तबीयत बिगड़ी और मेडिकल में उसकी मौत हो गई।

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