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10 साल की मासूम से 14 साल के लड़के ने किया दुराचार, फिर मार दिया गर्दन पर चाकू

पीडि़ता को मेडिकल से एल्गिन अस्पताल भेजा, एल्गिन से फिर मेडिकल भेजा, पौने चार घंटे तक भटकती रही मासूम

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minor girl intimates

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जबलपुर. दस साल की एक मासूम बालिका को 14 वर्षीय किशोर शनिवार दोपहर जबरन अपने घर ले गया। किशोर ने मासूम से दुराचार किया। मासूम ने विरोध किया, तो किशोर ने उस पर चाकू और पत्थर से ताबड़तोड़ वार कर दिए।

तड़पती मासूम को परिजन व पुलिस इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। जहां से उसे एल्गिन जाने की सलाह दी गई। एल्गिन ले गए तो वहां से विक्टोरिया या मेडिकल ले जाने की बात कही गई। दो अस्पतालों के बीच सवा चार घंटे तक मासूम भटकती रही। पुलिस के आला अधिकारियों ने जब डॉक्टसज़् पर कारज़्वाई की बात कही तक कहीं जाकर उसे इलाज दिया गया।

चाकू, फिर पत्थर से किए वार
भेड़ाघाट थाना प्रभारी एमडी नागोतिया ने बताया कि कक्षा आठवीं में पढऩे वाले 14 वर्षीय किशोर के घर पर दोपहर में कोई नहीं था। इस बीच वह पांचवीं कक्षा में पढऩे वाली 10 वर्षीय मासूम को जबरन उठाकर अपने घर ले गया। वहां किशोर ने मासूम से दुष्कृत्य किया। मासूम ने विरोध किया, तो किशोर ने उसके पेट और पैर पर चाकू से हमला कर दिया। उसके सिर पर पत्थर भी दे मारा। जैसे-तैसे मासूम वहां से भागकर अपने घर पहुंची। खून से लतपथ मासूम को देखते ही परिजनों ने तत्काल पुलिस को खबर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर इलाज के लिए अस्पताल ले गई।

सवा चार घंटे तक भटकी मासूम
मासूम को परिजन और पुलिस मेडिकल अस्पताल ले गए। कैजुअल्टी में पुलिस ने जैसे ही घटनाक्रम बताया, तो वहां मौजूद कैज्युअल्टी मेडिकल ऑफीसर डॉ. सतीश अहिरवार ने उसे एल्गिन अस्पताल ले जाने को कहा। पुलिस अधिकारियों ने मासूम की हालत देखकर इलाज की बात कही लेकिन वे नहीं माने। पुलिस उसे एल्गिन अस्पताल ले गई।
यहां भी डॉक्टर इलाज की सुविधा नहीं होने का हवाला दिया। इलाज से इंकार कर विक्टोरिया या मेडिकल ले जाने की सलाह दी। इस पर वहां मौजूद सीएसपी दीपक मिश्रा भड़क गए। उन्होंने तत्काल सीएमएचओ डॉ.एमएम अग्रवाल से बातचीत की। सीएमएचओ की फटकार के बाद एल्गिन में उसका प्राथमिक उपचार किया गया। बाद में मासूम को पुन: मेडिकल अस्पताल भेज दिया गया। जहां उसे भतीज़् कर लिया गया।

क्या कहते हैं जिम्मेदार-
अस्पताल में इलाज में क्या देरी हुई। इसकी जांच कराई जाएगी। डॉक्टर्स को निदेज़्शित किया है कि लापरवाही नहीं हों।
- महेश चंद्र चौधरी, कलेक्टर

बालिका को लेकर मेडिकल गए थे। वहां से एल्गिन भेजा गया। डॉक्टर्स ने विक्टोरिया ले जाने को कहा। सीएमएचओ मुरली अग्रवाल से बात की।
- दीपक मिश्रा, सीएसपी, बरगी

रेप पीडि़ता को तत्काल इलाज दिया जाना था। कैज्युअल्टी में लापरवाही हुई है। पीडि़ता को एल्गिन ले जाने की सलाह देने वाले डॉक्टर को नोटिस दिया जाएगा।
- डॉ. राजेश तिवारी, अधीक्षक, मेडिकल अस्पताल

एल्गिन हॉस्पिटल में जनरल बेहोशी की बेहतर सुविधा नहीं थी। इस कारण पीडि़ता को मेडिकल कॉलेज रेफर किया। ।
- डॉ. संजय मिश्रा, आरएमओ, एल्गिन

सुप्रीम कोटज़् के नियमों की अनदेखी
रेप के मामले में सुप्रीम कोटज़् के स्पष्ट निर्देश हैं कि तत्काल एफआईआर की जाए। अस्पताल में जाएं तो तत्काल इलाज मिले। उसे इंतजार न कराया जाए। भटकाया नहीं जाए। भोपाल गैंगरेप की घटना के बाद हाई कोर्ट ने भी इस मामले में सख्त रुख अपनाया था। इलाज में लापरवाही पर भोपाल में दो डॉक्टर भी सस्पेंड हुए थे।

ऐसे भटकाया मासूम को
पांच बजे मेडिकल अस्पताल ले जाया गया
पौने छह बजे एल्गिन अस्पताल ले जाया गया
सवा आठ बजे मेडिकल में भर्ती कराया गया (पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार )

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